डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। डेराप्रेमियों और बाबा के परिवार को भी खबर पढ़कर झटका लगेगा, क्योंकि अब एक फैसला होना है।
दरअसल, 400 साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम, डॉ. महेंद्र इंसा और डॉ. पंकज गर्ग के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 326, 417 और 506 के तहत आरोप तय कर दिए है। करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई के दौरान सुनारिया जेल से विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डेरा प्रमुख जबकि दो अन्य आरोपी व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश हुए।
जब आरोप तय किए जा रहे थे तो दो-तीन बार सवाल करने पर जवाब मिल रहा था और डेरा प्रमुख के चेहरे की रंगत उड़ी हुई थी। मामले की अगली सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में वर्ष 2000 से 2007 के दौरान करीब 400 साधुओं को भगवान के दर्शन का मार्ग बताते हुए नपुंसक बनाया गया।
इस मामले का खुलासा होने के बाद डेरे के साधु रहे हंसराज चौहान ने 2012 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। वर्ष 2014 में यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया जबकि जनवरी 2015 में एफआईआर दर्ज हुई। पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में इस मामले में एक फरवरी 2018 में चालान पेश किया गया था।
शिकायतकर्ता हंसराज ने बताया डेरा में करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाया गया था। पूर्व साधु जीएस तूर ने बताया कि सिरसा में साधुओं के नाम पर खरीदी करीब 600 एकड़ जमीन साधुओं से पॉवर ऑफ अटार्नी पर डेरे के लिए ले ली गई थी। डेरा प्रमुख को इस बात का भी डर था कि साधु उन्हें छोड़कर कहीं चले न जाएं इसलिए उन्हें नपुंसक बना दिया जाता था।