भूकंप आया तो 'सिहर' उठेंगे ये क्षेत्र, मच सकती 'तबाही'
खुशकिस्मती है कि भूकंप के हल्के झटकों के बाद हरियाणा महफूज रहा। कहीं जिंदगी पर आंच नहीं आई। पर, यहां की भौगोलिक स्थिति ‘सिहरन’ जरूर पैदा करती है। भूकंप के लिहाज से राज्य के 21 में से 15 जिले खतरनाक जोन (हाई डैमेज रिस्क जोन) में हैं। झटके जरा भी तेज हुए तो हरियाणा के इन जिलों में भूकंप भारी तबाही का सबब बन सकता है। रिपोर्टः धर्मेंद्र यादव
भूकंप आया तो 'सिहर' उठेंगे ये क्षेत्र, मच सकती 'तबाही'
पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और मध्य हरियाणा के 15 जिले सर्वाधिक खतरनाक माने गए हैं। ये सभी जिले जोन चार में आते हैं। बता दें कि हाई डैमेज रिस्क जोन को नंबर चार जोन में रखा गया है। इससे कम रिस्क को जोन तीन और सबसे कम रिस्क के क्षेत्र को जोन चार का नाम दिया गया है।
भूकंप आया तो 'सिहर' उठेंगे ये क्षेत्र, मच सकती 'तबाही'
हरियाणा के केवल तीन पश्चिमी जिले (सिरसा, फतेहाबाद व हिसार) कुछ सुरक्षित कह सकते हैं। आपदा प्रबंधन संस्थान (हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान गुडगांव) के प्रमुख डा. अभय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि भौगोलिक लिहाज से क्षेत्र को तीन जोन में सूचीबद्ध किया गया है। हरियाणा के 15 जिले जोन चार आते हैं।
भूकंप आया तो 'सिहर' उठेंगे ये क्षेत्र, मच सकती 'तबाही'
वैसे तथ्य यह भी है कि यदि रिएक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता छह का आंकड़ा छू जाएगी तो पूरा हरियाणा भूकंप की जद में आ सकता है। छह और इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप के झटके अमूमन 150 से लेकर 200 किलोमीटर तक नुकसान पहुंचाते हैं।
भूकंप आया तो 'सिहर' उठेंगे ये क्षेत्र, मच सकती 'तबाही'
जोन चार: भूकंप में तबाही के लिहाज से इस जोन में फरीदाबाद, गुडगांव, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला व पंचकूला जिले शामिल हैं। इस जोन में नारनौल का आधा हिस्सा भी शामिल है।
जोन तीन: भिवानी, जींद, कैथल और हिसार। इस जोन में नारनौल का आधा और हिसार का 25 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।
जोन दो: भूकंप में तबाही के लिहाज से सबसे कम रिस्की इस जोन में सिरसा व फतेहाबाद जिलों के अलावा हिसार का 75 प्रतिशत हिस्सा शामिल हैं।