‘पापा मैं जीना चाहती हूं पर मुझे इतना बदनाम कर दिया है कि मैं जी नहीं सकती। मेरा दाह संस्कार तब तक न करना, जब तक वो गिरफ्तार न हो जाए। देखिए, पूरी रिपोर्ट।
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बदनामी के चलते पिंजौर की लड़की ने जान दी
- फोटो : अमर उजाला
ये पंक्तियां हैं उस सुसाइड नोट की, जो पिंजौर ब्लॉक के गांव गवाही निवासी युवती अनु (24) ने जान देने से पहले लिखा था। अनु ने पांच लोगों पर बदनाम करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि 20 दिन पूर्व अनु ठाकुर ने उन्हें बताया था कि बच्ची उसे बदनाम कर रहा है। आरोपी बच्ची ने ही अनु के लिए आए चार रिश्ते नहीं होने दिए। इसकी शिकायत उन्होंने बच्ची के परिवार वालों से भी की थी। पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
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‘आरोपी की गिरफ्तारी तक दाह संस्कार न करना’: अनु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘पापा मैं जीना चाहती हूं पर मुझे इतना बदनाम कर दिया है कि मैं जी नहीं सकती। मेरा दाह संस्कार तब तक न करना जब तक कि पुलिस बच्ची को गिरफ्तार न कर ले। पुलिस अंकल अपनी बेटी समझ कर केस सॉल्व करना। चार पेज के सुसाइड नोट में मृतका ने अपने दर्द को बयां किया है।
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क्या लिखा है सुसाइड नोट में: सुसाइड नोट में मृतका अनु ने बच्ची नाम के व्यक्ति के साथ साथ महीपाल, महीपाल का पापा, उसकी मम्मी और संगीता को मौत का जिम्मेवार ठहराया है। युवती ने पुलिस से बार-बार आग्रह किया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना। अनु ने ये भी लिखा कि आरोपी उसे कहते हैं कि उनकी तो मंत्रियों तक पहुंच है और 10 मिनट में छूट के आ जाऊंगा और तुझे खत्म कर दूंगा। पुलिस अंकल मेरी फैमिली की हेल्प करना।
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आईपीएस बनना चाहती थी युवती: परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी बीए पास थी और वह आगे पढ़ाई करके अधिकारी बनना चाहती थी। उन्होंने बताया कि वह आईपीएस बन कर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी।