मोहाली के भाई-बहन ने नई करेंसी के नकली नोट छापकर खलबली मचा दी। अब इन्हें लेकर रोजाना चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आप भी जानिए।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
42 लाख की जाली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपियों के तार दिल्ली तक फैले हुए हैं। अब पुलिस उक्त नेटवर्क की तलाश में दिल्ली जाएगी। यह बात वीरवार को तब सामने आई जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सोहाना पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए दलील दी कि इन्होंने दिल्ली में करीब चालीस लाख रुपये की जाली करेंसी अपने जानकारों के पास रखी हुई है। जिसे अभी रिकवर किया जाना है। ऐसे में उन्हें आने जाने में समय लगेगा। इसलिए चार दिन का रिमांड दिया जाए।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि पुलिस ने 29 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। ऐसे में अब तक सारी रिकवरी की जानी चाहिए थी। वहीं, उन्होंने कहा कि उक्त आरोपी कोई बड़े क्रिमिनल नहीं हैं। आरोपी अभिनव ने तो पीएम के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में ब्लाइंडस के लिए यूटिलिटी रिंग बनाई थी। जिसके लिए उसे सम्मानित किया जा चुका है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनते हुए आरोपियों को तीन दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तिकड़ी काफी शातिर थी। उन्होंने मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री में नोट छाप थे। इस दौरान पुलिस ने कहा कि आरोपियों से डिजिटल प्रिंटर व कटर बरामद किया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अगर प्रिंटर से नोट छापे जा सकते है। तो हर कोई आसानी से नोट छापना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उक्त प्रिंटर को अदालत में लाया जाए। ताकि देख जा सके कि उस प्रिंटर से नोट कैसे छपते हैं।
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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस से पता चला है कि नोटबंदी के फैसले के बाद उक्त लोग इस काले कारोबार में उतरे थे। अब तक उन्होंने तीस लाख की जाली करेंसी मार्केट में चला दी है। पकड़े गए सारे आरोपियों के पुलिस ने मोबाइल अपने कब्जे में लिए हैं। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि उक्त लोग और कितने लोगों के संपर्क में थे। ताकि पूरी कहानी सामने आ सके। पुलिस ने बताया कि गाड़ी पर जो हरियाणा का नंबर लगा हुआ है। वह ओरिजनल है। वहीं, हरियाणा ट्रांसपोर्ट विभाग से गाड़ी संबंधी जानकारी मांगी है। ताकि गाड़ी के असल मालिक के बारे में पता लगाया जा सके।