घर के चिराग को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए माता-पिता ने नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। इतना ही नहीं 10 हजार रुपये तक का शुल्क भी चुकाया लेकिन केंद्र में इन चिरागों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का मामला सामने आया है। मामला हरियाणा के पानीपत जिले का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां छापा मारकर बर्बरता के इस केंद्र को पकड़ा है।
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युवकों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंची टीम।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में की गई शिकायत पर बुधवार को गांव बिंझौल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मारा गया। इस नशा मुक्ति केंद्र को बिना पंजीकरण संचालित किया जा रहा है। पांच घंटे की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां से 37 युवाओं को मुक्त कराया गया। स्वास्थ्य विभागीय के अधिकारियों ने बताया कि युवकों को वजन लेकर खड़ा रखा जाता था, नंगा कर यौन प्रताड़ना दी जाती थी और कमरे में बंद कर दिया जाता था और पीटा जाता था।
गांव बिंझौल में रजवाहे के पास नई किरण नशा मुक्ति केंद्र हैं। यहां पर रहकर करनाल निवासी एक युवक ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ में की। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से आदेश आने के बाद कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा, एसडीएम पानीपत एस रवींद्र पालिट और जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी सत्यवान ढिलौड टीम के साथ बुधवार की सुबह 11 बजे नई किरण नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे और छापा मारा।
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युवक का मेडिकल कराने ले जाता पुलिस का जवान।
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इसके साथ पुलिस बुलाई गई। यह कार्रवाई शाम चार बजे तक चली। टीम ने मौके से केंद्र में कार्यरत दो कर्मियों किशनपुरा निवासी अंकित और जौरासी निवासी नरेंद्र को पुलिस के हवाले किया। वहीं केंद्र का संचालक विकास नगर निवासी संजय और जिस मकान में केंद्र चल रहा था, उसका मालिक दिलबाग छापा पड़ने की सूचना मिलते ही भाग गए।
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यहीं चल रहा था अवैध नशा मुक्ति केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
गांव बझिंल में रजवाहे के पास दो साल से संजय इसी गांव के रहने वाले दिलबाग के मकान में नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। अंकित निवासी किशनपुरा, नरेंद्र निवासी जौरासी और महाबीर निवासी मतलौडा यहां पर कर्मचारी के तौर पर तैनात थे। उसने एक संस्था बनाई नई किरण, उसी के नाम से बगैर लाइसेंस नशा मुक्ति केंद्र खोला था। छापे के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संजय और दिलबाग को मौके पर बुलाया लेकिन दोनों आए ही नहीं आए। तीसरा कर्मचारी महाबीर की फिलहाल पकड़ा नहीं गया।