पंजाब के लुधियाना में सोमवार की देर रात को नहर में फाच्यूर्नर कार गिर गई। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक डिग्गी टूटने की वजह से बाहर निकल गया और बच गया। हादसा गांव झमट के पास हुआ। सभी मृतक दोस्त थे। मृतकों में गांव नंगला निवासी जतिंदर सिंह (40) और जगतार सिंह (45), गोपालपुर निवासी जग्गा सिंह (35), लेहल निवासी कुलदीप सिंह और गांव रुड़का निवासी जगदीप सिंह (35) शामिल हैं। घायल की पहचान सन्नी के रूप में हुई है। तीन दिन पहले ही जतिंदर सिंह ने फॉच्यूर्नर का खरीदी थी। दोस्तों के साथ पार्टी करने के बाद घर लौटते वक्त यह दर्दनाक हादसा हो गया।
तीन दिन पहले ही खरीदी थी मौत की कार: दोस्तों को पार्टी भी दी, फिर ऐसे चली गई पांच की जान, एक ही जिंदा बचा
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विदेश से खींच लाई जतिंदर सिंह को मौत
जतिंदर सिंह कनाडा में रहता था और कुछ समय पहले ही विदेश से आया था। उसने पुरानी अच्छे मॉडल की कार खरीद करने का मन बनाया। तीन दिन पहले ही फॉच्यूर्नर कार ली। इससे उसके दोस्त भी काफी खुश थे। सभी ने उससे पार्टी मांगी। दोस्तों के साथ वह पार्टी करने पहुंचा। देर रात हादसे में जतिंदर सिंह और उसके साले कुलदीप समेत पांच लोगों की मौत हो गई। जतिंदर सिंह का परिवार भी विदेश में रहता है। विदेश में रहने वाले पारिवारिक सदस्यों को जानकारी दे दी गई है।
पांच युवकों की मौत से चार गांवों में छाया मातम
सोमवार की देर रात को गांव झमट के पास हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। पांचों मृतक आसपास चार गांवों के रहने वाले थे। हादसे के तुरंत बाद चारों गांव के लोग मौके पर ही इकट्ठा हो गए। पांचों के परिवार वाले भी वहां पहुंचे। घटनास्थल पर कोहराम मच गया। पांच युवकों की मौत के कारण चारों गांवों में मातम छा गया।
परिवार वालों ने आरोप लगाया कि हादसे के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन मंगवाई और गाड़ी बाहर निकलवाई गई। गाड़ी जब बाहर निकाली तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त थी और पांचों के शव गाड़ी में पड़े थे। जब पुलिस ने सन्नी से पूछताछ की तो पता चला कि गाड़ी अचानक बेकाबूू हो गई और नहर में गिर गई।
प्रकाश की व्यवस्था न होना भी हादसे की वजह
प्रकाश की व्यवस्था न होने की वजह से नहर पटरी पर हादसे होते हैं। चालक कार तेज रफ्तार से चलाते हैं और अंधेरा होने के कारण कुछ नजर नहीं आता। इस कारण गाड़ी बेकाबू होकर नहर में जा गिरती है। पहले भी ऐसे हादसे सिधवां नहर की सड़क पर हो चुके हैं। कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। मगर प्रशासन ने अभी सबक नहीं लिया है।