जेल के अंदर होली से पहले हुए कार्यक्रम के दौरान डांस और डांसरों पर पैसे उड़ाने के मामले में अब कुछ नई तस्वीरें भी सामने आई हैं। देखिए
इन तस्वीरों में साफ हो गया है कि अब तक हुई जांच में भारी खामियां रही हैं। हालांकि प्रशासन अब इन खामियों को दूर करने की बात कर रहा है। वहीं जेल सूत्रों से मिली जानकारी और तस्वीरों से साफ हुआ है कि डांसरों पर बरसाए गए नोट नकली नहीं, असली थे। इससे पूरी जांच प्रक्रिया पर ही सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि चार दिन पहले जींद जिला जेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें जेल के हेड वार्डर डांसरों के साथ डांस करते दिखे थे, वहीं बंदी और कैदी डांसरों पर पैसे उड़ा रहे थे। मामला मीडिया में आने के बाद जेल विभाग के आईजी जगजीत सिंह और डीसी विनय सिंह ने जांच की।
हालांकि आईजी जगजीत सिंह सोमवार को ही रिपोर्ट सरकार को सौंप चुके हैं और डीसी विनय सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट गृहसचिव को भेज दी है। इसके बाद नए तथ्य सामने आने से अब तक की पूरी जांच पर ही सवाल उठ रहे हैं।
नई तस्वीर बता रही कुछ और
अब जो नई तस्वीर आई है, उसमें जेल के अधीक्षक आत्माराम बिश्नोई और जेल उपाधीक्षक संजीव दोनों कार्यक्रम के दौरान मौजूद हैं। हैरानी की बात है आईजी और डीसी द्वारा की गई जांच में जेल उपाधीक्षक संजीव को जांच में शामिल ही नहीं किया गया।