फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pics: ऐसे शुरु हुआ था इस क्रिकेटर का सफर, अब दुनिया ने देखा जलवा

Mon, 05 Feb 2018 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Feb 2018 09:43 AM IST
विज्ञापन
cricketer arshdeep singh life story, chandigarh news
cricketer arshdeep singh
एक क्रिकेटर बनने के लिए कितनी मेहनत लगती है वो आप इनकी असल जिंदगी से जान सकते हैं, देखिए
cricketer arshdeep singh life story, chandigarh news
cricketer arshdeep singh
मां दलजीत कौर ने बताया कि अर्शदीप खरड़ से चंडीगढ़ स्थित क्रिकेट अकादमी तक जाने के लिए रोजाना साइकिल पर सफर करता था। उसने जितना पसीना बहाया है, मैं गवाह हूं इस बात की। अर्शदीप सिंह बांए हाथ के गेंदबाज हैं। आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप की विजेता टीम के मेंबर रहे। 
cricketer arshdeep singh life story, chandigarh news
cricketer arshdeep singh
अर्शदीप सिंह टूर्नामेंट में अधिक मैच नहीं खेले, लेकिन दो मुकाबलाें में कुल 3 विकेट लिए हैं। अर्शदीप सिंह के पिता डीसीएम में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर हैं और उनकी मां दलजीत कौर एक हाउस वाइफ हैं। भारत के वर्ल्ड कप जीतने पर इनके घर और परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है। अर्शदीप सिंह चंडीगढ़ के एसडी कॉलेज-32 में बीए प्रथम वर्ष के स्टूडेंट हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित गुरु नानक पब्लिक स्कूल (जीएनपीएस)-36 की क्रिकेट अकादमी के ट्रेनी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
cricketer arshdeep singh life story, chandigarh news
cricketer arshdeep singh
क्रिकेट केलिए कड़ा संघर्ष 
मां अर्शदीप कौर ने बताया कि  बेटे अर्शदीप को शुरू से ही क्रिकेट से लगाव रहा। इसी को देखते हुए हमने उसे चंडीगढ़ की जीएनपीएस 36 में क्रिकेट अकादमी में डाल दिया। खरड़ से रोजाना अर्शदीप सिंह साइकिल से क्रिकेट सीखने के लिए आता जाता रहा। स्कूल से अभ्यास के लिए सुबह जाता और देर शाम को घर वापिस लौटता था। यह रूटीन पिछले 7 साल तक चला। अब वह 19 साल का हो गया है। पिछले ही वर्ष हमने उसे मोटर साइकिल लेकर दी है। मां ने कहा क्रिकेट के लिए मेरे बेटे ने काफी संघर्ष किया है।
विज्ञापन
cricketer arshdeep singh life story, chandigarh news
माता-पिता
पिता भी गेंदबाज 
अर्शदीप सिंह के पिता दर्शन सिंह ने बताया कि वह खुद भी क्रिकेटर रहे हैं और मीडियम पेसर गेंदबाज थे। गुरदासपुर से खेलते इंटर स्टेट, कटोच शील्ड खेल चुके हैं। दर्शन सिंह ने कहा कि बेटे की मेहनत से आज वह इस मुकाम तक पहुंचा है। हाल ही में एशिया कप में अर्शदीप के प्रदर्शन की बदौलत उसे अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम में जगह दी गई। इस टूर्नामेंट में बेटे को केवल दो ही मैच खेलने को मिले, उसमें भी उसने तीन विकेट चटकाए। वापिस आने पर परिवार और रिश्तेदाराें की ओर से अर्शदीप को पार्टी दी जाएगी। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed