'500 रुपये दोगी, तब भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न'
इनकम टैक्स रिटर्न भरना है तो 500 रुपये दे दो। अधिकारी के मुंह से यह बात सुनी तो सुषमा के होश उड़ गए। जानिए क्या है मामला?
'500 रुपये दोगी, तब भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न'
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की फीस 250 रुपये है, लेकिन चंडीगढ़ में टीआरपी डेस्क अधिकारी ने इसके लिए सुषमा से 500 रुपये मांगे। जब सुषमा ने इस ओवरचार्जिंग का कारण पूछा तो उन्होंने टालमटोल करना शुरू कर दिया। जब उन्होंने पैसे देने से इंकार किया और आईटीओ से शिकायत कराने पहुंचीं तो सरकारी कर्मचारी मामले को दबाने के लिए उनकी आईटीआर खुद ही जमा कराने की बात कहने लगे।
'500 रुपये दोगी, तब भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न'
सुषमा बताती हैं कि उनकी सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक है। लेकिन, सरकार की ओर से उनकी इनकम टैक्सेबल नहीं बनती थी। इसलिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने या वह टीआरपी डेस्क से संपर्क करने को कहा गया। जब वे डेस्क पर पहुंचीं तो वहां तैनात कर्मी ने उनसे उनकी रिटर्न फाइल करने की एवज में 500 रुपये मांगे। जबकि इसके लिए 250 रुपये चार्ज किए जाते हैं।
'500 रुपये दोगी, तब भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न'
चंडीगढ़ पीजीआई में काम करने वाली सुषमा बताती हैं कि एक ओर सरकार और विभाग लोगों को टैक्स जमा कराने की अपील करता है, वहीं सरकारी विभागों के कर्मचारी इसके बदले में ओवरचार्ज करते हैं। यह सरासर गलत है।
'500 रुपये दोगी, तब भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न'
इनकम टैक्स आफिस में अंतिम दिन रिटर्न फाइल करने के लिए चंडीगढ़ आयकर विभाग में दो काउंटर खोले गए थे। यहां वैसे तो पांच लाख रुपये से कम आय वालों की ही आईटीआर जमा की जा रही थी, लेकिन कुछ लोगों का आरोप था कि वहां सहायता के लिए तैनात टीआरपी कंपनी के नुमाइंदे उनसे ओवरचार्ज कर रहे थे।