लॉकडाउन को पूरे पांच महीने हो चुके हैं। 24 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई थी। करीब दो महीने तो सबकुछ बंद रहा। उसके बाद धीरे-धीरे छूट दी गई। हालांकि कोरोना का कहर अब भी जारी है। चंडीगढ़ के जो स्थल लॉकडाउन से पहले गुलजार रहा करते थे, वे अब भी सन्नाटे के साए में हैं।
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कुछ जगहों पर अब भी जाने की अनुमति नहीं है, जहां जाने की स्वीकृति है, वहां अब भी लोगों का आना-जाना काफी कम है। एक नजर डालते हैं चंडीगढ़ की उन जगहों पर जहां लॉकडाउन से पहले लोगों का काफी आना-जाना था, लेकिन अब कोई चहल-पहल नहीं है।
एलांते मॉल पर नहीं जुटती भीड़
फैशन हब बन चुके एलॉते माल की रौनक को लॉकडाउन ने छीन लिया है। मार्च से पहले यहां वीकेंड के दिनों में पैर रखने की जगह नहीं होती थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के यहां पर 150 से ज्यादा फैशन स्टोर व फूड चैन है। जिसकी खरीददारी के लिए ट्राईसिटी व आसपास के प्रदेशों के युवा रोजाना सैकड़ों की संख्या में आते हैं। लेकिन लॉकडाउन के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। कई स्टोर अब भी बंद चल रहे हैं।
सुखना हुई वीरान
चंडीगढ़ की शान सुखना लेक इस समय वीरान पड़ी है। न तो पानी की लहरों से नौका टकराती हैं और न ही बच्चों को चहल-कदमी सुनाई पड़ती है। मार्च से पहले सुबह व शाम सुखना लेक पर्यटकों से भरी रहती थी। इन सबके बीच कोई आर्टिस्ट से अपनी फोटो बनवा रहा होता था तो कोई लेक के किनारे बैठकर सुकून की पलों में खो जाता था। लॉकडाउन के बाद से लोगों का आना जाना बंद हो गया है। वीकेंड पर लोग आते थे, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्ती कर उसे भी बंद करवा दिया है।
रॉकगार्डन
पूरे विश्व में रचनात्मकता और कल्पना के अद्भुत और उत्कृष्ट का प्रतीक बन चुका रॉक गार्डन की चहल-पहल गायब है। हालांकि प्रशासन ने अभी इसे खोलने की अनुमति नहीं दी है। लॉकडाउन से पहले यहां पर भारतीय के साथ विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहता था। एक दिन में पांच हजार से ज्यादा पर्यटकों के आने का रिकार्ड है। लेकिन अब सन्नाटा छाया हुआ है।