31 जनवरी का दिन कई मायनों में एतिहासिक रहा। प्यारे चंदा मामा कोई हर रोज थोड़े तीन रंग बदलते हैं, देखिए
यह न सिर्फ साल का पहला चंद्रग्रहण था बल्कि कई सालों बाद बने इस अनूठे संयोग में चांद तीन रंगों में नजर आया जो कि एक अद्भुत नजारा था।
पूर्ण चंद्रग्रहण देखने के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, भोपाल, चेन्नई, जयपुर समेत कई शहरों के लोग खुली जगहों पर उमड़ पड़े। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहे।
खगोलशास्त्रियों का मानना है कि ऐसा संयोग लगभग 150 वर्षों में बनता है जिसमें सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मून तीनों नजर आता है। शाम 4.21 बजे चांद के पृथ्वी के कक्षा में प्रवेश करते ही चंद्रग्रहण शुरू हुआ।
ठीक दो घंटे बाद चांद पर पृथ्वी की छाया बनी और पूरा अंधेरा छा गया। इसी दौरान चांद तीन रंगों में नजर आया। शाम 7.37 बजे चांद ने रक्तिम यानी ब्लड मून और फिर ब्लू मून का नजारा दिखाया।