एक महिला ने तीन बार सुसाइड की और उसके बावजूद वो बच गई और सही सलामत है। इसे किस्मत कहेंगे या इत्तेफाक, पर हर कोई हैरान है।
2 of 8
मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
घटना गाजियाबाद की है और वजह चंडीगढ़ से जुड़ी है। दोनों मां-बेटी रहने वाली भी चंडीगढ़ की ही थीं। बेटी मेहर की तो मौत हो गई, लेकिन मां विनीता बच गई। जबकि दोनों ने तीन बार सुसाइड करने की कोशिश की थी और इस कोशिश में बेटी कामयाब हो गई। वजह बना कर्ज, जिसे विनीता ने हाई क्लास सोसायटी में फ्लैट खरीदने के लिए लिया था और जिसकी किस्तें वो चुका रही थी।
3 of 8
मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
लेकिन अब आर्थिक तंगी के कारण वह समय पर किस्त नहीं दे पाई। कर्ज का बोझ इतना बढ़ा कि विनीता ने बेटी मेहर (10) के साथ जान देने की योजना बनाई। बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी। मां ने ब्लेड से हाथों की नसें काट लीं। उसकी गंभीर हालत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी सिटी आकाश तोमर का कहना है कि मौके से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
4 of 8
मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
विनीता ने पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों के जहन में मानसिक तनाव इस कदर हावी हो चुका था कि शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक आत्महत्या करने की तीन बार कोशिश की, लेकिन उस वक्त तक तकदीर उनका साथ देती रही। इसके बाद रविवार सुबह चौथा प्रयास किया। इस बार नसें कटने से मां विनीता गंभीर हालत में पहुंच गई और इससे घबराकर 10 साल साल बेटी ने फंदा लगा लिया।
5 of 8
मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
मां-बेटी ने शनिवार रात से सुबह तक के करीब 12 घंटों में तीन बार सुसाइड का प्रयास किया। रात में सबसे पहले दुपट्टे का फंदा बनाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन एक साथ दोनों फंदे पर नहीं लटक सकी। इसलिए इरादा बदल गया, लेकिन दुपट्टा फंदा बनकर कमरे के पंखे पर लटका रहा। उसके बाद 19वीं मंजिल के अपने फ्लैट की बालकनी से नीचे कूदकर आत्महत्या को सोची तो नीचे खड़े लोगों को देखकर पीछे हट गईं।