चंडीगढ़ की काश्वी गौतम ने रचा इतिहास, 10 विकेट लेने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बनीं
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बीसीसीआई वुमन अंडर-19 वन डे ट्राफी में मंगलवार को शहर की महिला गेंदबाज कश्वी गौतम ने अरुणाचल प्रदेश के सभी 10 खिलाड़ियों को आउट कर इतिहास रच दिया। चंडीगढ़ महिला क्रिकेट टीम के कोच नागेश गुप्ता ने कहा कि इस उपलब्धि के साथ काश्वी गौतम वन डे मैच में दस विकेट लेने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई की ओर मौके पर मौजूद मैच रेफरी मीनाक्षी मंगला ने काश्वी को वही गेंद देकर सम्मानित किया, जिससे उन्होंने दस विकेट लिए। काश्वी की इस उपलब्धि के बाद उनके घर में जश्न का माहौल है। कपिल देव के बाद सिटी का नाम रोशन करने वाली काश्वी गौतम चंडीगढ़ अंडर-19 टीम की कप्तान हैं।
बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद अंडर-19 टीम की कप्तान व तेज गेंदबाज काश्वी गौतम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मंगलवार को बीसीसीआई वुमन अंडर-19 वन डे ट्राफी में अरुणाचल के खिलाफ उन्होंने घातक गेंदबाजी की। 4.5 ओवर में एक मेडन ओवर और 12 रन देकर उन्होंने सभी 10 विकेट झटक लिए।
तीन मैचों में 18 विकेट झटके, बल्लेबाजी पर भी खास ध्यान
राइट आर्म मीडियम पेसर काश्वी गौतम ने अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई है। फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि वह गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी पर भी विशेष ध्यान देती हैं। अंडर-19 वनडे मैच में वह काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में अभी तक तीन मैच खेले हैं, जिनमें वह 18 विकेट झटक चुकी हैं। अरुणाचल प्रदेश के 10 विकेट झटकने के साथ उन्होंने नाबाद 49 रनों की पारी भी खेली। अभी तक वह इस सीरीज में 92 रन बना चुकी हैं।
सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं काश्वी, भुवनेश्वर हैं फेवरेट
काश्वी गौतम जीएमएसएसएस-26 में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में ही प्रैक्टिस करती हैं। इससे पहले वह पंजाब अंडर-16 व 19 भी खेल चुकी हैं, लेकिन वहां पर उन्हें मौके कम मिले थे। बीसीसीआई से चंडीगढ़ को मान्यता मिलने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से खेलना शुरू किया। बताया कि बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। वह तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार से काफी प्रभावित हैं।
अंडर-23 में भी शानदार प्रदर्शन
काश्वी अंडर-19 में ही नही बल्कि अंडर-23 वन डे टीम में भी खेलती हैं। उन्होंने चंडीगढ़ टीम को क्वालीफाई राउंड में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंडर-23 के 9 मैचों में वह 31 विकेट झटक चुकी हैं। साथ ही लीग मैचों में 180 रन बना चुकी हैं। अंडर-23 टी-20 मुकाबले में भी उन्होंने 15 विकेट झटके थे।
रोजाना पांच घंटे का कड़ा अभ्यास
काश्वी ने बताया कि कोच नागेश गुप्ता से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां समझीं। गेंदबाजी में धार लाने में कोच ने बेहतरीन भूमिका निभाई। उनके अलावा चंडीगढ़ अंडर-19 टीम के कोच दीपक लोटिया से भी उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। किसी भी खिलाड़ी व टीम के खिलाफ रणनीति बनाने में कोच दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कोच नागेश गुप्ता ने बताया कि काश्वी रोजाना पांच घंटे प्रैक्टिस करती हैं।
माता-पिता बोले- बेटी ने रोशन कर दिया नाम, हमें नाज
मंगलवार शाम को सेक्टर-37 स्थित काश्वी गौतम के घर जश्न का माहौल था। जैसे ही घर में पता चला कि उन्होंने 10 विकेट लेकर इतिहास रच दिया है तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं था। पिता सुदेश शर्मा ने बताया कि आज पूरे परिवार को काश्वी पर गर्व है। हमारे साथ उसने चंडीगढ़ का नाम भी पूरे देश में रोशन कर दिया है। शाम को काश्वी की उपलब्धि पर परिवार ने केक काटकर जश्न मनाया। साथ ही दोस्तों के साथ रात को डिनर कर पार्टी की। पिता सुदेश शर्मा ने बताया कि लंदन से आए उनके दोस्त ने काश्वी को इस कामयाबी पर आईफोन टेन गिफ्ट दिया।