सामने लाया गया तो उसे देखकर लड़की चींख पड़ी और बोली यही है वो 'दरिंदा', जिसने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा, इसे सजा दो तभी मुझे सुकून मिलेगा।
मोहाली निवासी 21 वर्षीय युवती से पिछले साल नवंबर में सेक्टर-53 में हुए गैंगरेप मामले में मंगलवार को पीड़िता के विशेष अदालत में दर्ज बयान में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आरोपी ऑटो ड्राइवर मोहम्मद इरफान ने वारदात से पहले उसका भरोसा जीतने का प्रयास किया था। इसके लिए उसने उसे बताया कि उसकी बेटी को पैरालायसिस है और वह अस्पताल में भर्ती है।
वह पीड़िता को बार-बार बच्ची-बच्ची कहकर बुला रहा था। वारदात के दौरान इरफान ने अन्य आरोपियों से उसका वीडियो बनाने की बात भी कही थी। इसके अलावा वारदात के बाद इरफान ने उसे डराने के लिए अन्य आरोपियों से जेब से चाकू निकाल उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इससे वह बुरी तरह डर गई थी। पीड़िता के बयान में यह बात इससे पहले पुलिस को दी शिकायत में सामने नहीं आई थी।
बचाव पक्ष ने इस पर क्रास एग्जामिनेशन के दौरान सवाल किए तो पीड़िता ने कहा कि वह बहुत डरी हुई थी। इसलिए उस वक्त वह यह सब नहीं बता पाई थी। वहीं, पीड़िता ने तीनों आरोपियों मोहम्मद इरफान, मोहम्मद गरीब और किस्मत अली उर्फ पोपू की अदालत के समक्ष शिनाख्त की। अगली सुनवाई 21 मई को अन्य गवाहों को समन जारी किए गए हैं।
बयान दर्ज कराते हुए पीड़िता ने कहा कि वह मूलरूप से देहरादून की रहने वाली है और यहां मोहाली में पीजी में रहती है। सेक्टर-17 में वह प्राइवेट जॉब करती थी। 17 नवंबर 2017 की शाम वह जॉब से सेक्टर-37 में स्टैनो की कोचिंग के लिए आई थी। शाम को वह कोचिंग से करीब 7 बजे निकली। यहां से वह फोन पर घरवालों से बात करते हुए ऑटो पकड़ने के लिए मेन रोड पर आई।