पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर जिस हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ है, उसे पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की ओर से तकरीबन डेढ़ साल पहले सीमा पार से कश्मीर में बड़ी खेप के तौर पर भिजवाया गया था। हालांकि इसकी बड़ी खेप को जब्त कर लिया गया था लेकिन आईएसआई की ओर से न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पंजाब के बॉर्डर इलाकों में लगातार ऐसे हैंड ग्रेनेड की खेप भेजी जाती रही है।
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मौके पर मौजूद जांच अधिकारी
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सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चंडीगढ़ में हुई इस बड़ी घटना के पीछे पाकिस्तान की न सिर्फ बड़ी साजिश है बल्कि हथियारों की आपूर्ति भी उनकी ओर से कराई गई है। हालांकि इस मामले में अभी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जांच की जा रही है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार की शाम को जिस हैंड ग्रेनेड से पंजाब के भाजपा मुख्यालय को निशाना बनाया गया, उसी हैंड ग्रेनेड की पूरी खेप इससे पहले 6 अक्टूबर 2024 को पुंछ में बरामद की गई थी।
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चंडीगढ़ स्थित भाजपा दफ्तर
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हथियारों और बड़े गोला-बारूद की खेप में ऐसे दर्जनों हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे, जो न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि भारत के अलग-अलग हिस्सों को दहलाने के लिए सीमा पार से भेजे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भारी मात्रा में बरामद किए गए ऐसे गोला-बारूद को तो जब्त कर लिया गया था, लेकिन कुछ मामलों में सीमा पार से आईएसआई की ओर से लश्कर और जैश आतंकी संगठनों को भारत में भेजने का टास्क दिया जाता है, जिसे स्थानीय हैंडलर के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है।
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सबूत जुटाती जांच टीम
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चंडीगढ़ में हुए बम धमाके के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसी भी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि लुधियाना में पिछले साल नवंबर में पुलिस ने ऐसे ही हथियारों का जखीरा बरामद किया था। पंजाब पुलिस ने अपनी प्राथमिक जांच में पाया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्थानीय हैंडलर और आतंकी संगठनों के माध्यम से पंजाब को अस्थिर करने के लिए ऐसे गोला-बारूद और हथियार भेजे हैं।
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सबूत जुटाती जांच टीम
- फोटो : PTI
पंजाब पुलिस के मुताबिक लुधियाना में जो बड़ा खुलासा हुआ था, उसमें पता चला था कि पकड़े गए आरोपी मलयेशिया में मौजूद तीन लोगों के माध्यम से पाकिस्तान के कुछ हैंडलरों के संपर्क में थे, जो पंजाब को अस्थिर करने के लिए लगातार साजिश रच रहे थे।