देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया का नारा बुलंद कर रहे हैं, लेकिन इस तरह का डिजिटलाइजेशन को देखकर वे अपना माथा पीट लेंगे।
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बात हो रही है एंड्रायड एप ‘स्मार्ट चंडीगढ़’ की। इसे करीब ढाई साल पहले लांच किया गया। कुछ समय तक तो इस एप में स्मार्ट गर्वनेंस दिखाई भी दी लेकिन उसके बाद सारा काम ठप। अगर ‘स्मार्ट चंडीगढ़’ पर ऐतबार करेंगे तो आप दो साल पीछे चले जाएंगे। इस मोबाइल एप की डायरेक्ट्री में प्रशासन की टीम दो साल पुरानी है।
एप के अनुसार चंडीगढ़ के एडवाइजर विजय कुमार देव हैं और प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी। जबकि एडवाइजर विजय कुमार देव का तबादला एक साल पहले मार्च 2016 में हो गया था और कप्तान सिंह सोलंकी की जगह अगस्त 2016 में पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने बतौर प्रशासक शपथ पदभार संभाला। एडवाइजर और प्रशासक के जाने के बाद से इस एप को अपडेट ही नहीं किया गया।
सिर्फ इतना ही नहीं, एप में सब्जीमंडी के रेट्स देखना चाहेंगे तो आपके मोबाइल की स्क्रीन घंटों फेचिंग ही दिखाती रहेगी। एप में यह सुविधा इसलिए दी गई थी कि शहर में सब्जियों के दामों से लोगों को अपडेट रखा जा सके।
इस एंड्रायड एप्लीकेशन में कंज्यूमर हैंडबुक, सिटीजन कार्नर, माई चंडीगढ़, चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन गाइड, ट्रैफि क स्टेटस, पॉल्यूशन चेक, वन टच हेल्पलाइन, स्वच्छ भारत मिशन, कैरियर प्लानर, सिटी न्यूज, इवेंट, नोटिस और मंडी में सब्जियों के ताजा भावों के साथ मौसम जैसे फीचर्स तो हैं ही साथ ही चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नई योजनाओं की जानकारी भी रहती है।