सीबीएसई ने सोमवार को दसवीं के परिणामों की घोषणा कर दी। पंचकूला सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय की स्टूडेंट दृष्टि गुप्ता 498 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया सेकेंड टॉपर के साथ ट्राइसिटी की टॉपर बनी हैं।
पंचकूला की दृष्टि गुप्ता देशभर में सेकेंड टॉपर, पढ़ें ट्राइसिटी के 10 टॉपर्स की सफलता की कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वहीं, पंचकूला भवन विद्यालय की तान्या, चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कान्वेंट की अनुष्का सेट्ठी, सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय की विश्रुति, सेक्टर-27 स्थित मोतीराम आर्य स्कूल के अमीश, मनीमाजरा स्थित डीसी मांटेसरी स्कूल की अमानी तक्षक, सेक्टर-44 स्थित सेंट जोसेफ स्कूल की अमीशा कंवर संयुक्त रूप से ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर छह विद्यार्थी रहे हैं। स्टूडेंट्स द्वारा अच्छे रैंक प्राप्त करने से जहां अभिभावकों में खुशी की लहर है, वहीं स्कूल प्रबंधन भी फूला नहीं समा रहा है।
कामयाबी के लिए सोशल मीडिया से रहें दूर: दृष्टि
ऑल इंडिया में सेकेंड और ट्राइसिटी की टॉपर सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय की स्टूडेंट दृष्टि गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि इतने अच्छे अंक मिलेंगे। हालांकि उन्होंने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। दृष्टि ने कहा कि वह रेगुलर स्टडी करती थीं और उन्हें अपनी मेहनत पर पूरा विश्वास था। वह अपना रोल मॉडल अभिभावकों को मानती हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रहना बिलकुल भी पसंद नहीं। वह आगे नॉन मेडिकल से पढ़ाई करेंगी। एस्ट्रोनॉमी करने का प्लान है।
पिता की सलाह से मिली कामयाबी: हितेश्वर
ऑल इंडिया में थर्ड और ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर हितेश्वर शर्मा ने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय पिता को दिया। जब उनका क्रिकेट अकादमी के लिए सेलेक्शन हो रहा था तो पिता ने कहा था कि अभी पूरा ध्यान पढ़ाई पर रखो। पिता की बात को मानकर उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया और आज कामयाबी के शिखर पर हैं। हितेश्वर अपना रोल मॉडल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इस्टेट ऑफिसर पिता आशुतोष राजन को मानते हैं और वह उन्हीं की तरह सरकारी ऑफिसर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं। हितेश्वर ने कहा कि उन्हें मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल पसंद नहीं है।
आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती हूं : ऋषिका
ऑल इंडिया में थर्ड और ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर ऋषिका चौधरी ने कहा कि उन्हें खेलने के साथ पेंटिंग का भी शौक है, लेकिन वह पढ़ाई में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरततीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक और माता-पिता को दिया। ऋषिका आईएएस ऑफिसर बनकर देशसेवा करना चाहती हैं। ऋषिका ने बताया कि उनके पिता अरविंद तोमर सार्थक मॉडल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-12ए में फिजिक्स के लेक्चरर और उनकी माता प्रेरणा चौधरी जीएसएसएस सेक्टर-7 पंचकूला में इतिहास की लेक्चरर हैं।