चंडीगढ़ के 10 राजनीतिक मामले, देश में सुर्खिया बने
साल 2014 में चंडीगढ़ की सियासत में काफी उतार चढ़ाव आए। जहां शहर को पहली महिला सांसद मिली, वहीं रेलमंत्री रहे पवन बंसल का पत्ता साफ हुआ।
चंडीगढ़ के 10 राजनीतिक मामले, देश में सुर्खिया बने
29 जनवरी को चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव की एकमात्र सीट को लेकर बीजेपी में हाथापाई तक हो गई। उस वक्त टिकट के लिए सभी दलों में गुटबाजी चरम पर थी।
चंडीगढ़ के 10 राजनीतिक मामले, देश में सुर्खिया बने
8 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर हरफूलचंद्र कल्याण ने कहा था, ‘कौन हैं मोदी, मैं नहीं जानता किसी मोदी को’। हुआ यूं कि सेक्टर-15 के कम्युनिटी सेंटर की नींव में भाजपा ने मोदी ब्रांड की ईंटें रखवाई थीं, जिसे मेयर हरफूलचंद्र कल्याण के कहने पर हटवा दिया। मेयर ने भाजपा की इस हरकत की तीखे शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह कम्यूनिटी सेंटर निगम की प्रॉपर्टी है और भाजपा ने इसका गलत इस्तेमाल किया है। दूसरी ओर मेयर के मोदी के लेकर दिए गए बयान की भी तीखी निंदा हुई।
चंडीगढ़ के 10 राजनीतिक मामले, देश में सुर्खिया बने
13 जनवरी को स्वर्गीय जसपाल भट्टी की पत्नी ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन की। इसके बाद 1 मार्च को पार्टी ने सविता भट्टी को लोकसभा चुनाव का टिकट दिया, जिस उन्होंने 6 मार्च को लौटा दिया। पार्टी की अंदरूणी कलह की वजह से सविता ने यह कदम उठाया है। सविता भट्टी ने इस बात से नाराज होकर पार्टी टिकट लौटाया है कि पार्टी के कई स्थानीय कार्यकर्ता उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं।
चंडीगढ़ के 10 राजनीतिक मामले, देश में सुर्खिया बने
13 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने गुल पनाग को चंडीगढ़ से अपना चुनाव प्रत्याशी घोषित किया। गुल पनाग लोकप्रिय अदाकारा हैं। चंडीगढ़ सीट पर चुनाव लड़ाने के लिए कांग्रेस ने अपने पुराने उम्मीदवार पवन बंसल पर सातवीं बार भरोसा जताया और लोकसभा चुनाव प्रत्याशी के रूप में उनके नाम की घोषणा की, जबकि बसपा ने जन्नत जहां को चुनाव टिकट दिया।