कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक हुए दोनों पाकिस्तानी, आंखे नम-आंसू कम
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दोनों पाकिस्तानी तस्कर थे, जो 12 जून की अल सुबह पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में हेरोइन की खेप भेजते हुए सीमा सुरक्षा बल के जवानों के हाथों मारे गए दोनों तस्करों सोका और वफा निवासी जिला कसूर पाकिस्तान के शव शुक्रवार को अबोहर के पंजपीर नगर में स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए।
मौके पर मुस्लिम इंतजामियां कमेटी अबोहर के पदाधिकरियों के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। फाजिल्का जिला प्रशासन की ओर से मुस्लिम इंतजामियां कमेटी को सुबह 9 बजे दोनों शवों को अबोहर लाए जाने की सूचना दी गई। आधार पर कमेटी ने सभी इंतजाम पूरे कर लिए। लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते संकल्प जन सेवा सोसायटी के पदाधिकारी दोनों तस्करों के शवों को लेकर दोपहर करीब 2 बजे फाजिल्का से अबोहर के कब्रिस्तान में पहुंचे। वहां मुस्लिम रीति रिवाजों के साथ दोनों तस्करों के शवों को दफन कर दिया।
इस मौके पर सीआईए स्टाफ फाजिल्का की पुलिस के अलावा अबोहर से हल्का बल्लूआना के डीएसपी वीरचंद, नायब तहसीलदार बलजिंद्र सिंह, मुस्लिम इंतजामियां कमेटी के प्रधान रउफ खान उर्फ फिरोजखान मौजूद थे।
बीएसएफ ने 12 जून भारतीय तस्करों को हेरोइन की खेप की डिलीवरी देने आए दो पाकिस्तानी तस्करों को मार गिराया था। इसके अलावा एक पाक और 2 भारतीय तस्कर को गिरफ्तार किया था। घटना बीएसएफ के अबोहर सेक्टर की बीओपी सिवाना के पास शनिवार देर रात हुई थी। बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि मारे गए दो पाकिस्तानी तस्करों की पहचान अशोका और पब्बा निवासी रंगनवाली जिला कसूर के रूप में हुई है। उनकी पहचान पकड़े गए तस्कर रमजान ने की है। पाक रेंजर्स के तस्करों के शव लेने से मना किए जाने के बाद उसे भारतीय सीमा में ही सुपूर्द-ए-खाक किया गया।