डेरे की ओर से विधायकों और सांसदों पर दबाव बनाया गया था ताकि राम रहीम को बचाया जा सके। अब खुलासा हुआ है, देखिए
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राम रहीम
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डेरा मुखी राम रहीम को सीबीआई द्वारा सजा सुनाए जाने के मामले में डेरे की और से हरियाणा के विधायकों और सांसदों पर दबाव बनाया गया था। ताकि डेरा मुखी को राहत दिलवाई जा सके। यह काम डेरे की राजनीतिक विंग कर रही थी। इस विंग ने हर जिले में अनुयायियों को निर्देश दिए थे कि वह अपने-अपने इलाकों में जाकर विधायकों , मंत्रियों और सांसदों से मिलकर मदद की गुहार लगाएं।
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राम रहीम
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साथ ही पिछले चुनाव में उनकी पार्टी को डेरे की ओर से समर्थन देने की बात का भी जिक्र नेताओं से करते हुए इस समय में मदद करने को कहें। यह खुलासा पंचकूला दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। इस रिपोर्ट में हरियाणा के कुछ जनप्रतिनिधियों के भी नाम हैं।
उल्लेखनीय हैं कि सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद से डेरामुखी राम रहीम जेल में सजा भुगत रहा है। लेकिन बाबा को पिछले साल 25 अगस्त को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद उसके अनुयायियों ने पंचकूला शहर में जबरदस्त दंगा और आगजनी की थी। लेकिन बाबा को सजा होने से पहले सरकार के ही कहीं नेता बाबा के डेरे में जाकर बाबा के सामने नतमस्तक हुए थे। कुछ ऐसे ही खुलासे एसआईटी की रिपोर्ट में किए गए हैं।
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कुछ ऐसी फोन रिकार्डिंग का ब्यौरा देते हुए कहा है कि डेरा के राजनीतिक विंग के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हरियाणा में ऐसे कई विधायकों और सांसदों के नाम अपनी बातचीत के दौरान लिए हैं। पुलिस ने उस समय डेरे के अहम् लोगो की कॉल डिटेल रेकर्ड की थी । जिसके बाद एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि पोलिटिकल विंग के लोगो की बात कई जन प्रतिनिधियों से हुई थी।