'रोटी की जंग' छेड़ने वाले जवान तेज बहादुर की शिकायत पर बीएसएफ ने बड़ा कदम उठाया है, जिसकी जिम्मेवारी कमांडेंट को सौंपी गई है।
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Tej Bahadur Yadav
- फोटो : File Photo
दरअसल, बीएसएफ जवान तेज बहादुर की घटना के बाद बीएसएफ ने अपने राशन और मेस मैनेजमेंट को और पुख्ता किया है। हालांकि वह तेज बहादुर प्रकरण को बीएसएफ की छवि खराब करने की साजिश मानती है, लेकिन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अर्द्ध सैनिक बल के आला अफसरों ने जवानों के खाने की क्वालिटी को और बेहतर बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
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Tej Bahadur Yadav
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अब बीएसएफ की सभी बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) में कंपनी कमांडर सुबह जवानों की रोल कॉल में उनसे प्रमुखता पूछेंगे कि बीते दिन का नाश्ता, दोपहर और रात का खाना कैसा था? अमूमन रोल कॉल में जवानों से दिन की प्लानिंग और ड्यूटी के बारे में ही चर्चा होती है। मगर अब जवानों को पूरी आजादी होगी कि वे कमांडर के पूछने पर खाने और राशन की क्वालिटी पर अपनी बात खुलकर रखें।
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तेज बहादुर यादव घर पहुंच गए
यदि जवानों की कोई शिकायत हुई तो मेस एसओ की जवाबदेही होगी। इसके अतिरिक्त कंपनी कमांडर भी वही खाना खाएंगे, जो जवानों को परोसा जाएगा। विभिन्न बॉर्डर एरिया में तैनात बीओपी मेस के जरिये जवानों को परोसे जाने वाले खाने की क्वालिटी का बीएसएफ की विजिलेंस टीमें भी निरीक्षण करेंगी। इसकी रिपोर्ट सीधे आला अफसरों को दी जाएगी। इसके अलावा बीएसएफ के कमांडेंट कार्यालयों में राशन सैंपल बॉक्स भी लगाए जा रहे हैं।
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तेज बहादुर यादव घर पहुंच गए
माह भर का राशन खरीदने से पहले सभी सैंपल को कमांडेंट समेत दो अफसरों के सिग्नेचर सीलबंद कर बॉक्स में दीवार पर टांग दिया जाएगा ताकि निरीक्षण के दौरान कोई आला अफसर इसे चेक कर सके। इस दौरान राशन क्वालिटी में गड़बड़ी मिली तो राशन परचेज बोर्ड अफसरों की जवाबदेही होगी। बीएसएफ की सभी बीओपी पर दिन में तीनों वक्त के खाने का मेन्यू चेंज किया जा रहा है। मेन्यू ऐसा होगा कि जवान स्वाद का पूरा आनंद लेंगे।