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Chandigarh News: 126 बी के बाद अब 128 बी फाटक पर आरयूबी की तैयारी, आईटी पार्क मनीमाजरा-पंचकूला के लिए खुलेगा एक ओर रास्ता
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चंडीगढ़। फाटक नंबर-126 बी के बाद प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने चंडीगढ़-कालका रेलवे लाइन पर फाटक नंबर 128 पर रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मौजूदा सिंगल रोड को फोरलेन करना होगा और अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण भी करना पड़ेगा। प्रशासन ने प्रस्ताव को लेकर रेलवे अथॉरिटी और प्लानिंग विभाग को पत्र लिखा है।
आरयूबी बनने से मनीमाजरा से आईटी पार्क जाने वालों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। पंचकूला की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी एक अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे फाटक पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान लगने वाले जाम के साथ फाटक नंबर 126 बी पर यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
जमीन अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती
आरयूबी के साथ दोनों तरफ एप्रोच रोड बनाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होगी। इसके अलावा सड़क को फोरलेन करने के साथ फुटपाथ भी बनाया जाना है। मौजूदा सरकारी जमीन पर्याप्त नहीं होने के कारण प्रशासन को अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण करनी पड़ेगी। इसकी प्रक्रिया लंबी होने के कारण परियोजना में समय लग सकता है।
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रेलवे की मंजूरी के बाद तय होगा डिजाइन
प्रशासन के पत्र के बाद रेलवे स्तर पर प्रस्ताव की तकनीकी जांच होगी। इसके बाद आरयूबी का डिजाइन, एप्रोच रोड, जमीन की जरूरत और निर्माण लागत तय होगी। रेलवे आरयूबी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा, जबकि प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग एप्रोच रोड का एस्टीमेट तैयार करेगा। दोनों टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होगा।
कोट
फाटक नंबर 128 पर आरयूबी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फोरलेन सड़क के लिए जरूरत के अनुसार जमीन अधिग्रहण की जाएगी।-सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर
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आरयूबी बनने से मनीमाजरा से आईटी पार्क जाने वालों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। पंचकूला की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी एक अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे फाटक पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान लगने वाले जाम के साथ फाटक नंबर 126 बी पर यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
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जमीन अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती
आरयूबी के साथ दोनों तरफ एप्रोच रोड बनाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होगी। इसके अलावा सड़क को फोरलेन करने के साथ फुटपाथ भी बनाया जाना है। मौजूदा सरकारी जमीन पर्याप्त नहीं होने के कारण प्रशासन को अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण करनी पड़ेगी। इसकी प्रक्रिया लंबी होने के कारण परियोजना में समय लग सकता है।
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रेलवे की मंजूरी के बाद तय होगा डिजाइन
प्रशासन के पत्र के बाद रेलवे स्तर पर प्रस्ताव की तकनीकी जांच होगी। इसके बाद आरयूबी का डिजाइन, एप्रोच रोड, जमीन की जरूरत और निर्माण लागत तय होगी। रेलवे आरयूबी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा, जबकि प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग एप्रोच रोड का एस्टीमेट तैयार करेगा। दोनों टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होगा।
कोट
फाटक नंबर 128 पर आरयूबी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फोरलेन सड़क के लिए जरूरत के अनुसार जमीन अधिग्रहण की जाएगी।-सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर