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शहीद पिता के लिए वरदान बनी नन्ही परी, राष्ट्रपति ने किया बड़ा ऐलान

Tue, 16 Aug 2016 08:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा) Updated Tue, 16 Aug 2016 08:27 PM IST
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brevary award announcement for martyr gursewak singh by president pranab mukherji on 15 august
शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
नन्ही परी के शुभ पांव घर में पड़े और वह शहीद पिता के लिए वरदान बन गई। राष्ट्रपति ने उसके बहादुर पिता के लिए बड़ा ऐलान किया। यहां जानिए।
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शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पठानकोट आतंकी हमले में शहीद हुए गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को अपने भाषण में राष्ट्रपति ने ये ऐलान किया। जैसे ही गुरसेवक के परिजनों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने मासूम बेटी को गले से लगा लिया। पुरस्कार की घोषणा होने से गुरसेवक के पिता और गांव के लोग बहुत खुश हैं और उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया।
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शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा में अंबाला जिले के गांव गरनाला का बहादुर बेटा गुरसेव‌क सिंह इसी साल दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गया था। 24 वर्षीय गुरसेवक की शादी शहादत से दो महीने पहले ही 18 नवंबर 2015 को कुराली के वार्ड-6 में रहने वाले रणधीर सिंह की पुत्री जसप्रीत कौर से हुई थी। 8 महीने बाद 13 अगस्त को जसप्रीत ने बेटी को जन्म दिया और उसके दो दिन बाद ये घोषणा होने से गुरसेवक की पत्नी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
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शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
गुरसेवक सिंह के पिता सुच्चा सिंह कहते हैं कि वे बेटे को वीरता पुरस्कार मिलने से बेहद खुश हैं। बेटी अपने पिता के लिए वरदान बनकर आई है। वे अपने शहीद बेटे की आखिरी निशानी को पाकर बहुत खुश है। उनके अनुसार इस बेटी के लिए भी ये सौभाग्य की बात है वे भविष्य को खुद को उस शहीद पिता की बेटी कहलाएगी, जिसने अपने की रक्षा के लिए आतंकियों से लोहा लेते हुए एक जांबाज तरीके से शहादत प्राप्त की।
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शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
सुच्चा सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि शनिवार को गुरसेवक की बेटी हुई है। परिवार इस बात को लेकर बहुत ही खुश है, लेकिन अब बेटे की बहादुरी अवार्ड मिलने की खबर ने गर्व का अहसास करवा दिया है। उन्हें व उनके सभी परिजनों को बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि देश उनके बेटे को उसकी शहादत का इनाम दे रहा है। उनके अनुसार वो पल बहुत ही भावुक होंगे जब वे लोग गुरसेवक के इस अवार्ड को लेकर दिल्ली जाएंगे।
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