एशियन गेम्स में 4 मिनट में 'दंगल' जीतकर स्वर्णिम इतिहास रचने के बाद पहलवान बजरंग पूनिया ने जिंदादिली दिखाते हुए ऐसी बात कहीं, सुनकर आप कहेंगे- शाबाश बेटा।
18वें एशियाई खेलों में 65 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले बजरंग पूनिया ने अपनी जीत दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित की है। पूनिया ने कहा कि मैं यह स्वर्ण पदक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित करता हूं जिनका हाल ही में निधन हुआ है। उन्होंने इस पदक का श्रेय अपने मेंटर योगेश्वर दत्त को भी दिया, साथ ही मां-बाप का भी आभार व्यक्त किया।
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atal bihari vajpayee bajrang
बजरंग पूनिया ने फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जापान के पहलवान तकातानी डियाची को 11-8 से हराया। इसके साथ ही वे एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के 9वें पहलवान हो गए। भारत ने एशियाई खेलों में अब तक कुल 10 गोल्ड मेडल जीते हैं। करतार सिंह भारत के ऐसे पहलवान हैं, जो दो एशियाई खेलों (1978 बैंकाक और 1986 सियोल) में गोल्ड मेडल जीते चुके हैं। हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर बजरंग को 3 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने गुरु से किया हुआ वादा पूरा कर दिया। यह वादा बजरंग पूनिया एशियन गेम्स में जाने से पहले अपने गुरु ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त से किया था। बजरंग पूनिया ने योगेश्वर दत्त से कहा था कि वह एशियन गेम्स में पहले जीती चांदी को इस बार जरूर सोने में बदलकर लाएगा और देश का नाम रोशन करेगा। क्योंकि पहलवान बजरंग पूनिया पिछले एशियन गेम्स में सिलवर मेडल जीत चुका है।
वहीं बजरंग की नजर टोक्यो ओलंपिक पर टिकी हुई है और वह ओलंपिक को अपना बड़ा टारगेट देखकर आगे बढ़ रहा है तो वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए भी जंग जारी रखने की बात बजरंग कहता है। बजरंग पूनिया को शुरूआत से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त का साथ मिला है और इसलिए योगेश्वर को वह अपना गुरु मानते है। योगेश्वर दत्त ने बताया कि वह जब भी साथ रहते है तो अधिकतर कुश्ती को लेकर ही बात होती है। क्योंकि बजरंग से उनको बड़ी उम्मीद रहती है कि वह हर जगह देश का नाम रोशन करके आएगा।