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खाते में मोटा कैश जमा करवाया है तो अब अंजाम भुगतने को तैयार रहें

Thu, 01 Dec 2016 09:55 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 Dec 2016 09:55 AM IST
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bad result may be of huge cash money deposit in banks, researve bank instructions after note ban
बैंक में रुपया जमा करने के लिए लगी लोगों की भीड़
नोटबंदी के बाद अगर आपने बैंक खाते में मोटा कैश जमा कराया है तो इसका अंजाम भुगतने को भी तैयार रहें। जानिए आखिर क्या है माजरा?
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बैंक में भीड़ लगी
दरअसल, बैंकों में होने वाले संदिग्ध या असामान्य लेन-देन पर सेंट्रल नेशनल एजेंसी ‘फाइनेंस इंटेलिजेंस यूनिट’ (एफआईयू) लगातार नजर रख रही है। अगर, किसी ग्राहक ने खाते में इस तरह की ट्रांजेक्शन की है जो इससे पहले कभी नहीं की तो ध्यान रखें। क्योंकि असामान्य या संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और एफआईयू गंभीरता से ले रही है।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला
अगर, किसी व्यक्ति ने यह सोचकर कि ढाई लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं पड़ेगा और न ही सरकार कोई सवाल करेगी यह राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली है तो आरबीआई या एफआईयू उनसे पूछताछ कर सकती है। ऐसा तब होगा अगर आपने इससे पहले कभी इतनी बड़ी राशि अपने खाते में ट्रांसफर नहीं की है।
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एसबीआई की मुख्य शाखा में कतार मे खड़े लोग
आरबीआई के रिजनल डायरेक्टर निर्मल चंद के अनुसार बैंकों में होने वाले रोजाना के असामान्य और संदिग्ध लेन-देन की सेंट्रल एजेंसी एफआईयू पड़ताल कर रही है। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध लेन-देन सामने आता है तो एजेंसी बैंक के जोनल आफिस या सीधा शाखा स्तर पर जांच करती है। फिलहाल एफआईयू अपने स्तर पर खुद काम कर रही है।
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
वहीं उन्होंने बताया कि वर्षों से जिन खातों में कोई लेन-देन नहीं हुआ या जिन्हें साइलेंट अकाउंट कहते हैं, उनमें अगर 8 नवंबर के बाद कोई ट्रांजेक्शन हुआ है तो आरबीआई उसकी भी जांच करेगी। हालांकि, ऐसे खातों को फिर से शुरू करने के लिए ग्राहकों को पहले बैंक से अपील करनी होती है। इसके बाद ही इन्हें शुरू किया जाता है। ऐसे में अगर इन खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है तो बैंकों से इस मामले में जवाब मांगा जाएगा।
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