3 राज्यों को जोड़ेगा 'अनोखा' केबल पुल, देखिए इसकी खासियतें
पंजाब को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से जोड़ने वाला केबल पुल पठानकोट में शुरू हो गया है। पुल का नाम ‘अटल सेतु’ रखा गया है। देखिए, पुल की अनोखी खासियतें।
3 राज्यों को जोड़ेगा 'अनोखा' केबल पुल, देखिए इसकी खासियतें
बसोहली में रावी दरिया व रणजीत सागर डैम के पास 200 करोड़ की लागत से पुल बना है। पुल का निर्माण करने वाले इंजीनियर पंकज कुमार ने बताया कि यह ‘अटल सेतु’ पुल 592 मीटर लंबा है तथा 13.50 मीटर चौड़ा है। किनारे पर 90-90 फीट के टावर बने हैं। यह पुल पांच वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। इसका पूरा भार विशेष प्रकार की तारों पर डाला गया है।
3 राज्यों को जोड़ेगा 'अनोखा' केबल पुल, देखिए इसकी खासियतें
पुल बनाने के लिए दरिया में कोई भी पिल्लर नहीं डाला गया है। पुल पर वाहनों के आवागमन के लिए 7.50 मीटर सड़क निर्मित की गई है व दोनों ओर 2-2 फुट फुटपाथ बनाया गया है। इसका डिजाइन आईआईटी दिल्ली के इंजीनियरों द्वारा तैयार किया गया तथा इसमें लगाई गई केबल को जापान, स्पेन से लाया गया है। इस तरह के अन्य केबल ब्रिज में कोलकाता का हुगली ब्रिज, इलाहाबाद का नैनी ब्रिज और मुंबई का राजीव गांधी सी लिंक शामिल है।
3 राज्यों को जोड़ेगा 'अनोखा' केबल पुल, देखिए इसकी खासियतें
शिवालिक की खूबसूरत पहाड़ियों से घिरा 88 वर्ग किलोमीटर के विशाल रंजीत सागर बांध पर पुल बनने से माता चंचला देवी, सुनम घाट, धार महानपुर और जौडियां माता तीर्थस्थल जैसे प्राचीन स्थलों तक श्रद्धालुओं के लिए पहुंचना आसान हो जाएगा।
3 राज्यों को जोड़ेगा 'अनोखा' केबल पुल, देखिए इसकी खासियतें
दुनेरा-बसोहली-भद्रवाह रोड से जुड़ने वाला पुल शुरू होने से बसोहली, भद्रवाह, किश्तवाड़ जाने के लिए पंजाब और हिमाचल के टूरिस्ट्स को पठानकोट होकर वाया लखनपुर जाने की जरूरत नहीं रही। दुनेरा से बसोहली की दूरी घटकर 12 किमी हुई।