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बहादुर बेटीः डॉक्टर ने कहा- गेम छोड़ दो, बच जाओगी...पर वो नही मानी और बन गई वर्ल्ड चैम्पियन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Aug 2018 05:15 PM IST
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पहलवान विनेश फोगाट
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डॉक्टर ने गेम छोड़ने को कह दिया था, बोला जान को खतरा है। पर वो बहादुर बेटी मानी नहीं, खेलने का ऐसा जुनून था कि नई शुरूआत की और वर्ल्ड चैम्पियन बनकर ही सांस ली।
vinesh phogat
हम बात कर रहे हैं एशियन गेम्स 2018 में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली पहलवान विनेश फोगाट की। इस बहादुर बेटी ने जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियन गेम्स में पहलवान विनेश फोगाट ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। विनेश ने महिलाओं की फ्रीस्टाइल 50 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में जापान की पहलवान यूकी आयरी को से हराया। विनेश ने शानदार वापसी करते हुए यह खिताब हासिल किया। इससे पहले विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था।
vinesh phogat
खास बात ये है कि इसी विनेश फोगाट को एक समय डॉक्टरों ने पहलवानी छोड़ने की सलाह दे दी थी। डॉक्टरों का कहना था कि अगर अब दोबारा चोट लगी तो जान पर बन सकती है। उसके बावजूद विनेश ने हिम्मत नहीं हारी और हर दिन पांच से छह घंटे कड़ा अभ्यास कर जबरदस्त वापसी की। 2016 ओलंपिक फ्री स्टाइल कुश्ती में 48 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में विनेश चीन की पहलवान सुनियान के साथ भिड़ते हुए चोटिल हो गई थी। चोट से उबरने के बाद विनेश ने एक के बाद एक दो गोल्ड मेडल जीतकर खुद को साबित किया।
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पहलवान विनेश फोगाट
दूसरी खास बात ये कि विनेश ने एशियन गेम्स 2018 में अपने सफर की शुरुआत चीन की सुनियान को हराकर की। इसी खिलाड़ी के खिलाफ खेलते हुए रियो ओलंपिक 2016 में विनेश चोटिल हो गई थी और करीब एक साल तक बिस्तर पर रही। उस घटना से विनेश को बड़ा धक्का लगा था। उसका पश्चाताप कम नहीं हो पा रहा था। लेकिन महावीर फोगाट और बहनों ने उसे फिर से लड़ने का हौंसला दिया। नतीजा आज सभी के सामने है, पहले कॉमनवेल्थ में गोल्ड और अब एशियन गेम्स में गोल्ड।
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विनेश फोगाट
20 अगस्त दिन सोमवार को शुरू हुए पहले राउंड मैच में विनेश ने चीन की सुनियान को 8-2 के अंतर से मात दी। सुनियान को हराने के बाद विनेश की मां प्रेमलता और बहन प्रियंका को वे क्षण याद आ गए, जब 2016 ओलंपिक खेलों में सुनियान के साथ खेलते हुए विनेश चोटिल होकर प्रतियोगिता से ही बाहर हो गई थी, पर सुनियान को पटकनी देने पर विनेश की मां और बहन के चेहरे पर खुशी देखने को मिली और इसके साथ ही घर में खुशी और जश्न का माहौल शुरू हो गया था।