पूर्व सैनिकों और जाटों को मिला अन्ना का साथ, अनशन करेंगे
समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मैदान में उतरे हैं और इस बार अनशन के मुद्दे सेना के वन रैंक वन पेंशन और किसानों से जुड़ी भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर है। दरअसल हरियाणा के रोहतक में रविवार को सेक्टर चार के मैदान में वन रैंक वन पेंशन की मांग पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने भाजपा और पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पूर्व सैनिकों और जाटों को मिला अन्ना का साथ, अनशन करेंगे
सेक्टर चार के मैदान में वन रैंक वन पेंशन की मांग पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने पूर्व सैनिकों और जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पार्लियामेंट से बड़ी जन पार्लियामेंट होती है। यदि जवानों और किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 2 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर से अनशन शुरू होगा।
पूर्व सैनिकों और जाटों को मिला अन्ना का साथ, अनशन करेंगे
अन्ना हजारे ने भाजपा और पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अनशन के बाद भी सरकार नहीं मानी तो हर क्षेत्र के एमपी आवास के बाहर शांतिपूर्वक रघुपति राघव राजा राम भजन गाया जाएगा। भाजपा सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के दिमाग में है कि वे बहुमत में हैं, उनका कोई क्या बिगाड़ सकता है। लेकिन यह गलत फहमी हम दूर कर देंगे।
पूर्व सैनिकों और जाटों को मिला अन्ना का साथ, अनशन करेंगे
अन्ना ने कहा कि जेल जाने की सभी तैयारी कर लो, क्योंकि जेल जाना तो अलंकार है। सुबह नाश्ता और दो वक्त का खाना तो मिलता ही है, लेकिन हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वन रैंक वन पेंशन के लिए अन्ना हरियाणा के बाद राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जाकर दो अक्टूबर की रैली के लिए समर्थन जुटाएंगे।
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भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हमें घर में बैठे दुश्मन से लड़ना जरूरी है। ये दुश्मन बाहरी नहीं हैं, जिन पर गोली चलाई जाए। ये हमारे ही हैं, इसलिए इन्हें आराम से समझाना है। पूर्व सरकार नहीं समझी जनता की बात और बदल दी गई। अब अच्छे दिन आएंगे, अच्छे दिन लाएंगे का वादा करने वाली भाजपा की बात मान कर जनता ने वोट दे दिया। उन्हें भी अपना वादा पूरा करना चाहिए।