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दूध बेचकर बनाया अपनी बेटी को गोल्ड मेडलिस्ट, देखिए

Mon, 02 Jan 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा) Updated Mon, 02 Jan 2017 10:02 AM IST
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amazing story of a mother neelam, who trying to fulfill daughter dream to be like mary kom
कैथल की एक मां नीलम, जिसमें गजब का हौंसला
मिलिए एक ऐसी मां से, जिसने दूध बेच-बेचकर अपनी बेटी को गोल्ड मेडलिस्ट बनाया। कहानी बड़ी दिलचस्प है और पढ़कर आप सेल्यूट करेंगे।
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अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
ये कहानी है, हरियाणा के कैथल जिले के गांव पट्टी अफगान की नीलम की। जो हाड़तोड़ मेहनत करके, कर्ज लेकर और दूध बेचकर अपनी बेटी निकिता के सपने को पूरा करने में जुटी है। बेटी का मैरीकॉम बनने का सपना अब मां का ख्बाव भी बन गया है। नीलम अब अपनी बेटी निकिता को मैरीकॉम बनाने के लिए हर मश्किल को पार करने में जुटी है।
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अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
बेटी भी मां की उम्मीदों पर खरी उतरते हुए तीन बार राज्य प्रतियोगिता में गोल्डन पंच लगा चुकी है। नीलम चाहती है कि निकतिा एक दिन महिला मुक्केबाज मैरीकॉम की तरह देश और हरियाणा का नाम रोशन करे। नीलम बताती हैं कि एक साल पहले बेटी निकिता ने बॉक्सिंग शुरू की थी। गरीबी के कारण उसने निकिता को खेलने से रोका था, लेकिन जब बेटी ने जिद नहीं छोड़ी तो उसने भी उसके सपने को पूरा करने की ठान ली।
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अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
नीलम ने बताया कि घर के साथ-साथ बेटी की पढ़ाई व खेल पर काफी खर्च होता है। घर में दो भैंस रखी हैं और उनका दूध बेचकर जो पैसा मिलता है उससे ही खर्च चल रहा है। निकिता बताती है कि उनकी माली हालत ठीक न होने के कारण वह बॉक्सिंग किट खरीदने में असमर्थ है। मां को इस बारे में कई बार कह चुकी हैं, लेकिन किट खरीदने के लिए पैसा बच नहीं पाता है।
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अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
नीलम ने बताया कि दूध बेचकर जो पैसा मिलता है वह घर का राशन, उसकी पढ़ाई व प्रतियोगिताओं में आने-जाने का किराया सहित अन्य खर्च में निकल जाता है। जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में निकिता गांव की ही साथी बॉक्सर शीतल की किट उधार लेकर जाती है। अब तक इसी किट से उसने जिला व स्टेट में हुई तीन प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं। जनवरी 2017 में रोहतक में सब जूनियर प्रतियोगिता में उसका चयन हुआ है।
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