Hindi News
›
Photo Gallery
›
Chandigarh
›
amazing story of a mother neelam, who trying to fulfill daughter dream to be like mary kom
{"_id":"58691f6e4f1c1b741aeef6f7","slug":"amazing-story-of-a-mother-neelam-who-trying-to-fulfill-daughter-dream-to-be-like-mary-kom","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दूध बेचकर बनाया अपनी बेटी को गोल्ड मेडलिस्ट, देखिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूध बेचकर बनाया अपनी बेटी को गोल्ड मेडलिस्ट, देखिए
Mon, 02 Jan 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:02 AM IST
विज्ञापन
1 of 7
कैथल की एक मां नीलम, जिसमें गजब का हौंसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
मिलिए एक ऐसी मां से, जिसने दूध बेच-बेचकर अपनी बेटी को गोल्ड मेडलिस्ट बनाया। कहानी बड़ी दिलचस्प है और पढ़कर आप सेल्यूट करेंगे।
2 of 7
अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
ये कहानी है, हरियाणा के कैथल जिले के गांव पट्टी अफगान की नीलम की। जो हाड़तोड़ मेहनत करके, कर्ज लेकर और दूध बेचकर अपनी बेटी निकिता के सपने को पूरा करने में जुटी है। बेटी का मैरीकॉम बनने का सपना अब मां का ख्बाव भी बन गया है। नीलम अब अपनी बेटी निकिता को मैरीकॉम बनाने के लिए हर मश्किल को पार करने में जुटी है।
3 of 7
अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
बेटी भी मां की उम्मीदों पर खरी उतरते हुए तीन बार राज्य प्रतियोगिता में गोल्डन पंच लगा चुकी है। नीलम चाहती है कि निकतिा एक दिन महिला मुक्केबाज मैरीकॉम की तरह देश और हरियाणा का नाम रोशन करे। नीलम बताती हैं कि एक साल पहले बेटी निकिता ने बॉक्सिंग शुरू की थी। गरीबी के कारण उसने निकिता को खेलने से रोका था, लेकिन जब बेटी ने जिद नहीं छोड़ी तो उसने भी उसके सपने को पूरा करने की ठान ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
नीलम ने बताया कि घर के साथ-साथ बेटी की पढ़ाई व खेल पर काफी खर्च होता है। घर में दो भैंस रखी हैं और उनका दूध बेचकर जो पैसा मिलता है उससे ही खर्च चल रहा है। निकिता बताती है कि उनकी माली हालत ठीक न होने के कारण वह बॉक्सिंग किट खरीदने में असमर्थ है। मां को इस बारे में कई बार कह चुकी हैं, लेकिन किट खरीदने के लिए पैसा बच नहीं पाता है।
विज्ञापन
5 of 7
अपनी मां नीलम के साथ कैथल की बॉक्सर निकिता
नीलम ने बताया कि दूध बेचकर जो पैसा मिलता है वह घर का राशन, उसकी पढ़ाई व प्रतियोगिताओं में आने-जाने का किराया सहित अन्य खर्च में निकल जाता है। जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में निकिता गांव की ही साथी बॉक्सर शीतल की किट उधार लेकर जाती है। अब तक इसी किट से उसने जिला व स्टेट में हुई तीन प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं। जनवरी 2017 में रोहतक में सब जूनियर प्रतियोगिता में उसका चयन हुआ है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।