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कहीं बिन बाराती आई बारात तो कहीं 8 फेरे, क्या कभी देखी है ऐसी शादी?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 Jan 2017 05:13 PM IST
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अनोखी शादी
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आपने जिंदगी में बहुत सी शादियां देखी होंगी, लेकिन हम आपको ऐसे 5 विवाह समारोहों के बारे में बता रहे हैं जो बेहद अनोखे थे। देखिए तस्वीरों में।
अनोखे विवाह
युवक ने वधू पक्ष से एक रुपया शगुन का लिया और लड़की के गले में वरमाला डाल दी। हरियाणा के रेवाड़ी में प्रॉपर्टी डीलर सूबे सिंह के बेटे कुलदीप ने स्टेशन सुपरिटेंडेंट कैलाश चंद की बेटी श्वेता यादव ने यह अनोखी शादी कर सुधार का संदेश भी दिया।
कुलदीप ने महज एक रुपये शगुन लिया और श्वेता के परिवार ने भी शाम को बेटी के ससुराल में छोटा सा संयुक्त प्रीति भोज करवाया। श्वेता के घर के मेनगेट पर महज एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्म पूरी की गई। चंद मिनट बाद ही वरमाला भी डाल दी।
कुलदीप ने महज एक रुपये शगुन लिया और श्वेता के परिवार ने भी शाम को बेटी के ससुराल में छोटा सा संयुक्त प्रीति भोज करवाया। श्वेता के घर के मेनगेट पर महज एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्म पूरी की गई। चंद मिनट बाद ही वरमाला भी डाल दी।
अनोखी शादी
कहने को ये विवाह था, लेकिन न तो बैंडबाजा था और न ही कोई रस्म। सबकुछ ऐसा था, देखने वाले हैरान रह गए। पंजाब में भादसों के नजदीकी गांव दित्तूपुर जाट के गुरुद्वारा झरवाना साहिब में यह अनोखा विवाह देखने को मिला। आस्ट्रेलिया निवासी इन्दरवीर सिंह खालसा का विवाह हरमनप्रीत कौर के साथ गुरु मर्यादा के अनुसार हुआ।
दूल्हे और दुल्हन ने कोई श्रृंगार न कर सिर्फ सिरों पर पगड़ियां सजाई हुई थीं। बैंड बाजे की जगह गतका पार्टियों ने अपने जौहर दिखाए। विवाह में शामिल संगत को सादा लंगर पंगतों में बिठा कर छकाया गया। विवाह में दोनों पक्षों की तरफ से कोई मिलनी आदि की रस्म नहीं की गई और न ही कोई लेन- देन किया गया।
दूल्हे और दुल्हन ने कोई श्रृंगार न कर सिर्फ सिरों पर पगड़ियां सजाई हुई थीं। बैंड बाजे की जगह गतका पार्टियों ने अपने जौहर दिखाए। विवाह में शामिल संगत को सादा लंगर पंगतों में बिठा कर छकाया गया। विवाह में दोनों पक्षों की तरफ से कोई मिलनी आदि की रस्म नहीं की गई और न ही कोई लेन- देन किया गया।
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अनोखी शादी
बीटेक टॉपर दुल्हन, एयरफोर्स ऑफिसर दूल्हा। न दहेज, न बैंडबाजा। दूल्हा आया, खाना भी नहीं खाया और दुल्हन को ले गया। हरियाणा के मंडी आदमपुर में ये अनोखी शादी मात्र 16 मिनट में हुई। गांव बालसंमद में कबीर पंथी से विवाह संपन्न कराया गया। दहेज रहित इस शादी में सतबीर सिंह की बेटी सरोज गांव डबलान निवासी तेलूराम के बेटे दीपक के साथ साधारण कपड़ों में ही विदा हुई।
दीपक वायुसेना में तैनात है तो सरोज सोनीपत स्थित महिला विश्वविद्यालय खानपुर से बीटेक टॉपर रही है। इस शादी में दूल्हे के 5-6 परिजन ही शरीक हुए और शादी में रस्में भी परमात्मा की प्रार्थना कर और दूल्हा-दुल्हन को रक्षासूत्र बांधकर पूरी की गई। शादी में शामिल लोगों को मीठे पकवान की बजाय उन्हें सादा भोजन परोसा गया।
दीपक वायुसेना में तैनात है तो सरोज सोनीपत स्थित महिला विश्वविद्यालय खानपुर से बीटेक टॉपर रही है। इस शादी में दूल्हे के 5-6 परिजन ही शरीक हुए और शादी में रस्में भी परमात्मा की प्रार्थना कर और दूल्हा-दुल्हन को रक्षासूत्र बांधकर पूरी की गई। शादी में शामिल लोगों को मीठे पकवान की बजाय उन्हें सादा भोजन परोसा गया।
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अनोखे विवाह
शान-शौकत और दिखावे से दूर इस शादी में आठवां फेरा हुआ और रिसेप्शन से पहले रक्तदान शिविर लगाया। समाजसेवा को समर्पित यह जोड़ी सोनीपत जिले के लाठ गांव, हाल आबाद वेस्ट रामनगर के अमित और असावरपुर निवासी मंजू की है। जोड़ी ने आठवां फेरा गरीब बच्चों पर वेतन का पांच फीसदी खर्च करने के वचन के साथ लिया।
अमित पेशे से दिल्ली पुलिस में सिपाही है और मंजू महिला विश्वविद्यालय खानपुर में लेक्चरर। शादी के बाद रिसेप्शन से पहले सेक्टर-23 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 57 अतिथियों ने रक्तदान किया। अमित ने आठवीं बार रक्तदान किया।
अमित पेशे से दिल्ली पुलिस में सिपाही है और मंजू महिला विश्वविद्यालय खानपुर में लेक्चरर। शादी के बाद रिसेप्शन से पहले सेक्टर-23 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 57 अतिथियों ने रक्तदान किया। अमित ने आठवीं बार रक्तदान किया।