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गजब है! बैल की दोस्ती में क्या-क्या कर बैठा किसान, देखने वाले हैरान

Tue, 09 Aug 2016 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Tue, 09 Aug 2016 09:12 AM IST
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ajab gajab friendship of a farmer suresh malik and bull in rohtak of haryana
रोहतक के किसान सुरेश मलिक और बैल की दोस्ती - फोटो : अमर उजाला
दो इंसानों में दोस्ती होती है, लेकिन यहां एक किसान ने अपने बैल से दोस्ती की और उसने उसके लिए जो किया, देखकर हर किसी की आंखें खुली रह गई। देखिए तस्वीरें।
ajab gajab friendship of a farmer suresh malik and bull in rohtak of haryana
रोहतक के किसान सुरेश मलिक और बैल की दोस्ती - फोटो : अमर उजाला
मामला रोहतक के लाखनमाजरा का है। महम चौबीसी के सबसे बडे़ गांव मोखरा में किसान सुरेश मलिक ने अपने बैल का जीवन जग कर किसान और बैल की दोस्ती को नई कहानी लिख दी। 22 साल के बैल को भी शायद इसकी उम्मीद नहीं रही होगी। किसान सुरेश ने पूरे गांव का न्यौता दिया। एक तरफ  हलवाई प्रसाद बनाने में लगे हैं तो दूसरी तरफ  महिलाएं सत्संग कर मंगल गीत गा रही हैं। शादी समारोह जैसा माहौल रहा। बैल को फूलमालाओं व नोटों की मालाओं से सजाया गया।
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रोहतक के किसान सुरेश मलिक और बैल की दोस्ती - फोटो : अमर उजाला
सुरेश ने बताया कि उसने इस बैल को बचपन से पाला है। इसी बैल ने उसके घर को धन से भरा है। हमेशा बैल को अपने बच्चों की तरह देखभाल कर पाला है। दो साल से बैल से काम लेना छोड़ रखा है और एक महीने से तो बैल ने खाना पीना भी छोड़ रखा है। परिवार इसकी सेवा में लगा है। बैल के नीचे गद्दा बिछाते हैं और हमेशा कूलर और पंखा चलाते हैं। अब बैल बूढ़ा हो चला है। सुरेश ने सोचा क्यों न ऐसा काम किया जाए, जिससे बैल की आत्मा को शांति मिले। पूरी उम्र कमाने वाले बैल को परिवार के सदस्य की तरह घर में अपने आखिरी सांस लेने दें तो अच्छा है। किसान परिवार का कहना है कि बैल हमारे लिए देवता है। बाबा हरिदास मंदिर में ले जाकर महिलाओं ने पूजा अर्चना कर बैल को तिलक लगाया।
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रोहतक के किसान सुरेश मलिक और बैल की दोस्ती - फोटो : अमर उजाला
सुरेश के भाई संजय ने बताया कि गौमाता को मां का दर्जा दिया गया है तो बैल हमारे लिए देवता है। आज जीवनजग में पूरा गांव शामिल हो रहा है और इस तरह का आयोजन यदि कोई न भी कर सके तो कम से कम बैलों व गायों को खुला न छोड़कर घर में ही जगह दें। नवीता का कहना है कि गाय व बैल भी मनुष्य की तरह एक प्राणी हैं। जिस बैल से हमने सारी उम्र काम लिया हो आज उसे सरे बाजार व गलियों में अवारा बना देते हैं। यह समाज के लिए कलंक है। कम से कम जिस मां का दूध पीया और जिस बैल ने हमारा घर धन से भरा हो, उन्हें लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए।
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रोहतक के किसान सुरेश मलिक और बैल की दोस्ती - फोटो : अमर उजाला
बैल के मालिक सुरेश मलिक ने कहा कि यदि हरियाणा में कोई भी किसान अपने बैल का जीवन जग करेगा तो वे उसे अपनी तरफ  से 21 हजार रुपये इनाम देंगे। उनका कहना है कि किसान का दूसरा हाथ बैल ही होता है। हर किसान को कम से कम एक बैल तो घर में रखना चाहिए।
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