सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बॉर्डर से सटे गांवों की जिंदगी अब पटरी पर लौटने लगी है। तस्वीरों में देखिए वहां के हालात।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
उरी, बारामूला और अब हंदवाड़ा में लगातार सीमा पार से हो रही फायरिंग के बावजूद राजस्थान के साथ लगते सीमांत गांवों में जनजीवन सामान्य हो रहा है। ग्रामीणों की जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
राहत शिविरों व रिश्तेदारियों से वापस आए लोग अपनी फसलों की देखभाल में लगे हैं। वे सीमा पर बढ़ रहे तनाव से बिल्कुल चिंतित नहीं है। यह माहौल वीरवार को पाक सीमा से मात्र 1 किमी दूर गांव रूपनगर में देखा गया।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
ग्रामीण अपने कृषि कार्यों में व्यस्त हैं। गांवों की दुकानें पहले की भांति खुली हैं। सरकारी हाई स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या लगभग पूरी हो चुकी है।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
स्कूल के मुख्याध्यापक कृष्ण रिणवा ने सुबह 9 बजे प्रार्थना सभा में सभी बच्चों को भयमुक्त होकर पढ़ाई करने तथा रिश्तेदारियों में गए अपने सहपाठियों से संपर्क कर उन्हें बुलाने को प्रेरित किया।