कहीं आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार तो नहीं, ऐसे परखें
क्या आपका बच्चा बिना किसी बात के सोते समय बुरे सपने लेता है। उसके खाने की आदतों में अचानक बदलाव आ गया है तो समझें कि वो यौन शोषण का शिकार है। देखिए, ऐसे और लक्ष्ण।
कहीं आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार तो नहीं, ऐसे परखें
बच्चा विचलित रहने लगा है या अजीब हरकतें करता है। खाने से मना करना करता है। भूख कम हो गई है, कुछ निगलने में मुश्किल महसूस होती है। अचानक गुस्सा होने या खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। क्ल्यू मिलने पर यौन संबंधी चर्चा करना चाहता है। उसे कुछ स्थानों या लोगों से अजीब सा डर पैदा होता है। किसी व्यस्क या बड़े बच्चे के साथ साझा रहस्य को चर्चा करने से रोकना।
कहीं आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार तो नहीं, ऐसे परखें
यौन और भयावह चीजों को लिखना, ड्राइंग करना, खेलना और सपने आना, किसी बड़े दोस्त के बारे में बात करना, अचानक पैसे, खिलौने और उपहार की बिना किसी कारण मांग करना, प्रतीकात्मक रूप में शरीर के बारे में बुरा या गंदा सोचना और बड़े व्यक्ति की तरह यौन संबंधी व्यवहार या भाषा बोलना आदि ऐसे लक्ष्ण है जो साबित करते हैं कि आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार है।
कहीं आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार तो नहीं, ऐसे परखें
चाइल्ड राइट्स कमीशन की एडवाइजरी जारी: पॉक्सो एक्ट के तहत यौन शोषण मामले में तुरंत रिपोर्ट जरूरी है। यह बात पेरेंट्स, डॉक्टर्स और स्कूल प्रबंधकों पर भी लागू होती है। अगर कोई इस तरह की जानकारी छिपाता है तो वह भी कानून का उल्लंघन कर रहा है। जिसे इस बारे में जानकारी है वह सीधे पुलिस और मजिस्ट्रेट को शिकायत दे सकता है।
कहीं आपका बच्चा यौन शोषण का शिकार तो नहीं, ऐसे परखें
झूठी सूचना या शिकायत भी अपराध: यौन शोषण की जानकारी होने के बावजूद कमीशन या पुलिस को जानकारी न देने वाले के लिए भी सजा का प्रावधान होगा। इसके तहत उसे 6 महीने से 1 साल सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत झूठी सूचना या शिकायत देने वाले के खिलाफ 6 माह सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बच्चे के खिलाफ झूठी सूचना देने पर एक साल की सजा हो सकती है।