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35 घरों पर चला बुलडोजर: पाकिस्तान से आकर पंजाब में बसे, अब यहां से भी उजड़े, टूटता आशियाना देख हर कोई रोने लगा

Fri, 09 Dec 2022 08:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 09 Dec 2022 08:38 PM IST
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Administration broke illegal constructions in Jalandhar of Punjab
मकान तोड़े जाने पर रो पड़ी महिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पाकिस्तान से आकर पंजाब के जालंधर में पिछले 60 से ज्यादा वर्षों से बसे लतीफपुरा के लोग शुक्रवार को बेघर हो चुके हैं। अदालत के आदेश के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस की सुरक्षा में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट व प्रशासन ने जेसीबी से लतीफपुरा में घरों को मलबे के ढेर में बदल दिया। प्रशासन की कार्रवाई पर लोग रोने लग पड़े। जब घरों को गिराने का काम चल रहा था तो एक महिला ने अपने घर से निकलने से मना कर दिया। उक्त महिला ने कहा कि उसके ऊपर भी बुलडोजर चला दो, मेरा घर तो तोड़ दिया अब जीकर क्या करना है।

Administration broke illegal constructions in Jalandhar of Punjab
सड़क किनारे पड़ा लोगों का सामान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट व प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान महिला रोती दिखी व बच्चे बिलखते रहे लेकिन ट्रस्ट व प्रशासन ने इसकी परवाह के बिना लोगों के घरों पर बुलडोजर चला दिया।
जब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट व प्रशासन के अधिकारी लतीफपुरा में घरों को गिराने पहुंचे तो उनके साथ भारी पुलिस बल था। इस टीम ने इलाके में बने अवैध घरों को जब गिराना शुरू किया तो उसे लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि वे घर खाली नहीं करेंगे बेशक उनके ऊपर बुलडोजर चढ़ा दें। जब वे नहीं माने तो पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। हालांकि लतीफपुरा के लोगों के समर्थन में किसान संगठन भी आए व किसानों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बहस भी हुई लेकिन प्रशासन ने कब्जे हटा दिए।

Administration broke illegal constructions in Jalandhar of Punjab
मकान टूटते देख रो पड़े लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

600 से ज्यादा जवानों की सुरक्षा के बीच प्रशासन ने की कार्रवाई
लतीफपुरा में अवैध कब्जों को गिराने से पहले गुरुवार को ही घरों को सील कर दिया गया था। इसके चलते लतीफपुरा में कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई से पहले दिए गए नोटिस के बाद ही अवैध रूप से बने अपने मकान व दुकानों को खाली कर दिया था। पुलिस प्रशासन को इस बात का अंदाजा था कि जब कब्जे हटाए जाएंगे तो भारी विरोध भी होगा। इसलिए प्रशासन ने पहले ही भारी पुलिस बल का इंतजाम कर लिया था। 

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Administration broke illegal constructions in Jalandhar of Punjab
अपना सामान लेकर जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

किसी भी विरोध से निपटने के लिए डीसीपी जगमोहन सिंह व डीसीपी जसकिरणजीत सिंह तेजा की देखरेख में लगभग 600 जवान तैनात थे। इन अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया कि वह कोर्ट की आज्ञा का पालन कर रहे हैं। घरों को गिराना या न गिराना उनका काम नहीं है बल्कि उनका काम तो कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना है।दरअसल, लतीफपुरा की जमीन पर मालिकाना हक हासिल करने के लिए जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया व जीत भी लिया।

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Administration broke illegal constructions in Jalandhar of Punjab
बेबस बुजुर्ग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल करने के बाद जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने इस जमीन पर कब्जे की कोशिश शुरू कर दी थी। अब एक्शन टेकन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने से पहले प्रशासन व जेआईटी ने लतीफपुरा की जगह को खाली करवाने का अभियान छेड़ दिया। लतीफपुरा में लोगों का दुख बांटने आए कैंट हलके से आप के उम्मीदवार रहे सुरिंदर सिंह सोढी पत्रकारों के सवालों में उलझ गए। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पंजाब की आप सरकार इन बेघर लोगों के लिए क्या करेगी। इसे सुनकर आप नेता सोढी ने पत्रकारों को ही नसीहत दे डाली कि आप मुद्दे को हवा न दो। उन्होंने कहा कि इससे पहले पंजाब की जो सरकारें रही हैं, उनको इनके बारे में सोचना चाहिए था।

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