पंजाब के जालंधर में 35 घरों पर कार्रवाई की गई। प्रसाशन की ओर से यह कार्रवाई अवैध निर्माण के मद्देनजर की गई। इन घरों में लोग 60 से अधिक वर्षों स रह रहे थे। कार्रवाई के बाद लोग नाराज हैं और कड़ाके की ठंड में प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि ठंड में लोग बेघर हो चुके हैं। बच्चे और बुजुर्गों के सिर पर अब छत नहीं है। इस बीच प्रशासन का कहना है कि लोगों को कई बार घर खाली करने का नोटिस दिया जा गया था, लेकिन बावजूद इसके लोगों ने जगह खाली नहीं की, मजबूरन हमें कदम उठाना पड़ा।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई: जालंधर में 35 घरों पर चला बुल्डोजर, 60 साल से रह रहे लोग सड़क पर आए
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इन परिवारों के जब घर उजड़ रहे थे तो इन्होंने पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासन तक से अपने घरों को उजड़ने से रोकने की गुहार लगाई, लेकिन सब बेकार गई। अपने उजड़े घरों को देख लोगों का दर्द मीडिया के सामने छलक गया। मीडिया से अपने दिल का गुबार निकालते हुए महिलाओं ने कहा कि हमें घर से बेघर तो कर दिया, लेकिन हम अपने छोटे-छोटे बच्चों व जवान बेटियों को लेकर कहां जाएं।
कार्रवाई के बाद लोगों ने कहा कि सर्दी के इस मौसम में अब हमारे सिर पर तो छत भी इन्होंने छीन ली है। इस उम्र में हम अब बच्चों का पालन पोषण करें या फिर मकान की किश्तें दें। इस दौरान एक महिला फूट फूटकर रो रही थी तो उसकी छोटी बच्ची खुद तो रो रही थी लेकिन अपनी मां को चुप करवा रही थी। वह मां को कह रही थी कि कोई गल्ल नहीं, मां तुसी चुप हो जावो... इस दृश्य को देख हर कोई भावुक हो गया।
इस दौरान एक युवक रोते बिलखते प्रशासन से अपील कर रहा था कि बड़ी ही मुश्किल से पैसे जोड़कर घर बनाया है, प्लीज उनका घर मत तोड़िए। इस दौरान एक महिला अपने घर की छत पर खड़ी जोर जोर से रोती दिखाई दी। उसका कहना था कि वह घर से नहीं निकलेगी, उसकी लाश ही इस घर से बाहर जाएगी। इसके बाद महिला पुलिस ने उक्त महिला को जबरदस्ती घर से बाहर निकाल कर बुल्डोजर चला दिया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन धक्केशाही कर रहा है। हम कह रहे हैं कि जमीन को लेकर निशानदेही करवाई जाए। अगर उनकी जगह उस निशानदेही के बीच आती होगी तो वह खुद जगह खाली कर देंगे लेकिन पुलिस व प्रशासन उनकी एक नहीं सुन रहा और धक्केशाही कर उनके घर गिरा दिए गए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इन घरों में कई बुजुर्ग भी रह रहे थे। प्रशासन ने उनके लिए भी नरम रुख नहीं अपनाया। नाराज लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब बड़े-बुजुर्ग लोगों को बेघर किया जा रहा था, उस वक्त कई पुलिसकर्मी हंसते हुए दिखाई दिए।