भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा चलाने वाले गिरोह पर छापामारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इतना ही नहीं जिसे लेडी स्पेशलिस्ट डॉक्टर मानते थे, वह भी आठवीं फेल है।
8वीं फेल डॉक्टर से भ्रूण जांच, मशीन पेट पर घुमाकर बोली- ऐस वारी पार्टी पक्की
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गिरोह की लीडर गुरमेल कौर, जिसे लोग लेडी स्पेशलिस्ट डॉक्टर मानते थे, असल में वह आठवीं फेल है। उसने भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों की आंखों में धूल झोंक रखी थी। जिस मशीन से वह गर्भवती महिलाओं के गर्भ में लिंग जांच करने का दावा करती थी, वह दिल की धड़कनें जांचने वाली मशीन थी। गर्भवती महिलाओं को मूर्ख बनाकर गुरमेल कौर 10 मिनट तक मशीन पेट पर घुमाने के बाद आधे घंटे बाद रिपोर्ट देती कि ‘ऐस वारी मुंडे दी पार्टी पक्की’।
डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश ने जुलाई 2016 में गुरमेल कौर को भ्रूण लिंग जांच करते रंगे हाथ पकड़ा था। अदालत से जमानत मिलने के बाद वह फिर से लेडी डॉक्टर बनकर गिरोह चलाने लगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को फीडबैक था कि लेडी डॉक्टर ने घर में पोर्टटेबल मशीन रखी है,, जिसके जरिए भ्रूण लिंग जांच की जाती है। छापेमारी में जो सच सामने आया, वो चौंकाने वाला था। डॉ. विरेश का कहना है कि जो लोग यहां भ्रूण लिंग जांच करवाने आ रहे थे, उनके साथ सिर्फ धोखेबाजी हो रही थी।
गुरमेल कौर भ्रूण लिंग जांच के नाम पर 30 हजार रुपये तक वसूलती थी। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लोग बरनाला में उसके पास भ्रूण लिंग जांच कराने आते थे। गिरोह में मिंटू और बबली सहित पांच दलाल हैं, बबली सिरसा जिले में ज्यादा सक्रिय रहती है। आरोपी महिला ने भ्रूण लिंग जांच के बदले फर्जी ग्राहक बनकर आई महिला से 24 हजार रुपये लिए थे। उसके खिलाफ बरनाला शहर थाने में सिरसा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीएनडीटी एक्ट के अलावा धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है।
25 महीनों में 15 गिरोह का पर्दाफाश
सीआईडी की सटीक सूचना के कारण स्वास्थ्य विभाग को जिले के बाहर भी भ्रूण लिंग जांच गिरोह को पकड़ने में सफलता मिल रही है। गत 25 महीने में विभाग ने 15 गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसमें शामिल 65 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश के नेतृत्व वाली स्पेशल टीम को प्रशासन भी सम्मानित कर चुका है।