आपने लौकी का स्वाद तो जरूर लिया होगा। लेकिन कभी ऐसी लौकी नहीं देखी होगी जो एक साथ पांच से छह परिवारों का पेट भर दे। ऐसी ही एक अनोखी लौकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस लौकी की लंबाई पांच फीट तीन इंच है।
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) के किसान मेले में हरियाणा और पंजाब से किसान 5 फुट तीन इंच और पांच फीट की लौकी लेकर पहुंचे। यह लौकी लोगों में आकर्षण का केंद्र बन गए। हरियाणा के कुरुक्षेत्र से पहुंचे किसान रणधीर सिंह ने बताया कि इसे उन्होंने खुद अपने खेत में उगाया है और इस फलने फूलने में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया है। रणधीर सिंह ने बताया कि उनके करीब 16 रिकार्ड लिम्का बुक में दर्ज है।
वहीं फतेहगढ़ साहिब स्थित जलवेडी से परमजीत सिंह भी पांच फीट की लौकी लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अगर कोई गरीब परिवार से है तो वह घर की छत पर मिट्टी के थैले में इससे उगा सकते है। रोजाना सुबह इसे पानी दें। इस सब्जी को कई दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है और यह बिल्कुल आर्गेनिक है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में शुक्रवार से दो दिवसीय किसान मेला शुरू हुआ। जिसमें किसानों को पीएयू की ओर से विकसित किए गए नए बीज, आधुनिक तकनीक, खेती उपकरण, बीमारियों के इलाज इत्यादि से अवगत कराया गया। वीसी ढिल्लों ने किसानों से अच्छे बीज खरीदने, सहायक धंधे अपनाने, बेहतर मार्केटिंग करने और खर्च आमदनी का हिसाब रखने की सलाह दी।
मेले में निदेशक खोज ने विभिन्न फसलों की 799 किस्मों की सिफारिशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन किस्मों के कारण ही देश अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो पाया है। अब प्राकृतिक संसाधनों की संभाल, ग्लोबल वार्मिंग, खेती उत्पादों के मंडीकरण की दिक्कत, तापमान बढ़ने से नमी, जहरीली गैस, नए किस्म के कीट इत्यादि को लेकर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।