विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं, 10 ऐसी सावधानियां जिन पर ध्यान नहीं दिया गया तो जान जा सकती है- अपनी भी और दूसरे की भी।
अकसर देखने में आया है कि डायबिटीज पेशेंट भी रक्तदान करना चाहते हैं। इस बारे में पीजीआई ब्लड बैंक के असिस्टेंट प्रोफेसर सुचेत सचदेव ने बताया है कि जो मरीज 15 साल या उससे अधिक समय से डायबिटीज से पीड़ित हैं वे रक्तदान से बचें। जो मरीज इससे कम समय से इस रोग के शिकार हैं और उनका ब्लड शुगर कंट्रोल है तो वे रक्तदान कर सकते हैं।
3 महीने में एक बार ही रक्तदान करना चाहिए। ब्लड डोनेट करने से पहले सुबह पानी जरूर पीएं। नाश्ता जरूर करें। कोई दवा लेते हैं तो उसे जरूर खाएं और डोनेट से पहले डॉक्टर को बताएं। डोनेशन से पहले फॉर्म में पूरी जानकारी भरें। 18 से 65 साल की उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति ब्लड दे सकता है।
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रक्तदान शिविर
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90 दिन पहले ब्लड दिया है तो भी आप कैंप में कर सकते हैं रक्तदान। रक्तदान को लेकर सबसे बड़ा भ्रम लोगों के मन में ये है कि उनके शरीर में खून की कमी हो जाएगी। लेकिन बता दें कि खून देने के 48 घंटे बाद ही रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाती है। अगर आप हट्टे-कट्टे हैं तो तीन महीने में एक बार आराम से रक्तदान कर सकते हैं।
अगर कोई एड्स से ग्रस्त है तो उस व्यक्ति को रक्तदान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। कैंसर के मरीजों को रक्तदान नहीं करना चाहिए। अगर आपने टैटू या कोई कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई है तो रक्तदान करने के लिए कम से कम चार महीने तक इंतजार करना होगा। रक्तदान करने के बाद आप सामान्य रूप से अपना जीवन व्यतीत कर सकते हैं। लेकिन आपको दिन में खूब पानी पीना होगा और शराब तथा धूम्रपान से दूर रहना होगा।