{"_id":"59a8490e4f1c1b41738b495d","slug":"thirteen-children-dead-due-last-48-hours-in-gorakhpur-brd-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: 24 घंटे में बालरोग विभाग में 13 की मौत, सामने आई ये खतरनाक वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: 24 घंटे में बालरोग विभाग में 13 की मौत, सामने आई ये खतरनाक वजह
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से बच्चों की मौतों का मामला गरमा गया है। पिछले 24 घंटों में 13 बच्चे मौत के मुंह में समां गए हैं। लगातार हो रही बच्चों की मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बीते 24 घंटे के दौरान 13 मौतें हुईं। इसमें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में आठ जबकि पीडियाट्रिक आईसीयू में पांच बच्चों की मौत हुई। मरने वालों में एक इंसेफेलाइटिस मरीज भी शामिल है।
महराजगंज की ढाई वर्षीय निक्की पुत्री हीरानंद एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित थी। परिवारवालों ने उसे बालरोग विभाग के 100 बेड वार्ड में भर्ती कराया था। पीआईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, इस बीच 27 इंसेफेलाइटिस के नए मरीज बीआरडी में भर्ती किए गए।
विज्ञापन
इस समय मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित कुल 118 मरीजों का इलाज चल रहा है। इस साल अभी तक बीआरडी में भर्ती कराए गए इंसेफेलाइटिस के 787 मरीजों में से 182 दम तोड़ चुके हैं।
27 अगस्त को 17 बच्चों की, जबकि 28 अगस्त को 25 बच्चों की मौत हुई थी। आपको बता दें कि इसी अस्पताल में 10 और 11 अगस्त को ऑक्सीजन की कमी से 36 बच्चों की मौत एक साथ हुई थी।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बीते 24 घंटे के दौरान 13 मौतें हुईं। इसमें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में आठ जबकि पीडियाट्रिक आईसीयू में पांच बच्चों की मौत हुई। मरने वालों में एक इंसेफेलाइटिस मरीज भी शामिल है।
विज्ञापन
महराजगंज की ढाई वर्षीय निक्की पुत्री हीरानंद एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित थी। परिवारवालों ने उसे बालरोग विभाग के 100 बेड वार्ड में भर्ती कराया था। पीआईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, इस बीच 27 इंसेफेलाइटिस के नए मरीज बीआरडी में भर्ती किए गए।
विज्ञापन
इस समय मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित कुल 118 मरीजों का इलाज चल रहा है। इस साल अभी तक बीआरडी में भर्ती कराए गए इंसेफेलाइटिस के 787 मरीजों में से 182 दम तोड़ चुके हैं।
27 अगस्त को 17 बच्चों की, जबकि 28 अगस्त को 25 बच्चों की मौत हुई थी। आपको बता दें कि इसी अस्पताल में 10 और 11 अगस्त को ऑक्सीजन की कमी से 36 बच्चों की मौत एक साथ हुई थी।