{"_id":"67387036fefa32a8db036f7c","slug":"police-traced-the-missing-children-from-the-hostel-umaria-news-c-1-1-noi1225-2321897-2024-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: छात्रावास से लापता बच्चों को पुलिस ने किया दस्तयाब, काउंसलिंग कर पता लगाया जा रहा भागने का कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: छात्रावास से लापता बच्चों को पुलिस ने किया दस्तयाब, काउंसलिंग कर पता लगाया जा रहा भागने का कारण
Sun, 17 Nov 2024 11:46 AM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2024 11:46 AM IST
सार
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक बच्चों के भागने के पीछे की वजह सामने नहीं आ सकी है। बच्चों की मानसिकता और उनकी स्थिति का पता लगाने में समय लगेगा।
विज्ञापन
पुलिस द्वारा दस्तयाब किए गए बच्चे
विस्तार
उमरिया जिले में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में 13 साल के चार बच्चों के अचानक लापता हो गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास अधीक्षक ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए चारों बच्चों को सुरक्षित खोज निकाला। अब उनकी काउंसलिंग जारी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को छात्रावास के चार बच्चे स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे। बच्चों के लापता होने की खबर ने जिले में हलचल मचा दी। सूचना मिलते ही एसपी निवेदिता नायडू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे पता चला कि एक बच्चा उमरिया में ही मौजूद है, जबकि बाकी तीन बच्चे कटनी की ओर जा रहे थे।
विज्ञापन
जिसके बाद तुरंत एक बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जबकि तीन अन्य बच्चों की तलाश जारी थी। इसके बाद कटनी रेलवे स्टेशन से बाकी तीनों बच्चों को भी सुरक्षित पकड़ लिया गया। सभी बच्चों का मेडिकल चेकअप कराया गया है और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
विज्ञापन
हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों ने ऐसा कदम क्यों उठाया और वे भागने में कैसे सफल हुए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक बच्चों के भागने के पीछे की वजह सामने नहीं आ सकी है। बच्चों की मानसिकता और उनकी स्थिति का पता लगाने में समय लगेगा।
