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रक्षाबंधन पर जिस बेटे का था बेसब्री से इंतजार: घर पहुंची उसकी खून से लथपथ लाश, हॉर्न बजाने पर चाकू मारकर हत्या
Sat, 29 Aug 2026 12:32 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:32 PM IST
सार
उज्जैन के माधव नगर थाना क्षेत्र में रास्ता देने के लिए हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद में 27 वर्षीय यश मित्तल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। रक्षाबंधन पर परिवार को यश के घर लौटने का इंतजार था, लेकिन उसकी खून से लथपथ लाश पहुंची। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
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27 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पूरे घर को बेटे के रक्षाबंधन पर आने का बेसब्री से इंतजार था। पूरा परिवार उस समय का इंतजार कर रहा था, जब बेटा घर पहुंचता और रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता। लेकिन पूरा परिवार उस समय सदमे में आ गया, जब बेटे की बजाय उसकी खून से लथपथ लाश घर पहुंची।
शुक्रवार की रात थाना माधव नगर क्षेत्र के दमदमा में रास्ता देने के लिए हॉर्न बजाना ऋषि नगर में रहने वाले यश मित्तल (27) को उस समय महंगा पड़ गया, जब आधा दर्जन लोगों ने यश और उसके दोस्तों के साथ विवाद करते हुए हमला कर दिया। हमलावरों ने यश को चाकू मार दिया। वहीं, उसके दोस्त अभय व्यास और मंगल इस जानलेवा हमले के बाद थाना माधव नगर पहुंच गए थे, जहां से वे पुलिस को साथ लेकर घटनास्थल दमदमा पर पहुंचे। लेकिन तब तक यश की मौत हो चुकी थी और हमलावर भी फरार हो गए थे।
माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि यश मित्तल (27) आगर रोड कृषि उपज मंडी में श्री महाकाल के नाम से ट्रैक्टर एजेंसी संचालित करता था और ऋषि नगर एक्सटेंशन में रहता था। वह मूल रूप से तराना का रहने वाला था। इस हत्या के बाद विशाल ठाकुर, विजय ठाकुर, सागर और करण निवासी दमदमा क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आयुष, शेनटू और आकाश की तलाश जारी है।
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दादाजी की थी पहली राखी, इसीलिए हो रहा था इंतजार
बताया जाता है कि यश पिता विजय नारायण मित्तल मूल रूप से तराना का रहने वाला था। वैसे तो वह तीन भाई हैं, जिसमें से एक दुबई और दूसरा पुणे में जॉब करता है। लेकिन इस रक्षाबंधन पर पूरे परिवार को यश का इंतजार इसीलिए था, क्योंकि उसके दादाजी की यह पहली राखी थी और इस त्योहार पर यश को राखी बांधने के लिए पूरे परिवार की बहनें रक्षाबंधन पर उसका इंतजार कर रही थीं, लेकिन जब परिवार को उसकी हत्या की जानकारी लगी और खून से लथपथ लाश घर पहुंची तो इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर हर कोई गमगीन हो गया। जैसे-तैसे परिवारजनों ने हिम्मत रखी और यश का अंतिम संस्कार किया गया।
ये भी पढ़ें: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक-पिकअप में भिड़ंत के बाद लगी आग; चालक की जिंदा जलकर मौत
समय पर मिल जाता तो बच जाती जान
बताया जाता है कि इस घटना के बाद पुलिस और यश के दोस्त उसे लगातार घटनास्थल पर खोजते रहे, लेकिन लगभग 2 से 3 घंटे तक चली इस तलाश के बावजूद भी यश का कोई पता नहीं चल पाया। सुबह लगभग 5 बजे जिला पंचायत की फोटोकॉपी की दुकान के पीछे यश लहूलुहान अवस्था में मिला था। उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। सोर्स बताते हैं कि अगर यश कुछ घंटे पहले मिल जाता और उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वैसे पुलिस इस पूरे मामले में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे पता चल पाए कि आखिर मामूली कहासुनी खूनी वारदात में कैसे बदल गई।
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शुक्रवार की रात थाना माधव नगर क्षेत्र के दमदमा में रास्ता देने के लिए हॉर्न बजाना ऋषि नगर में रहने वाले यश मित्तल (27) को उस समय महंगा पड़ गया, जब आधा दर्जन लोगों ने यश और उसके दोस्तों के साथ विवाद करते हुए हमला कर दिया। हमलावरों ने यश को चाकू मार दिया। वहीं, उसके दोस्त अभय व्यास और मंगल इस जानलेवा हमले के बाद थाना माधव नगर पहुंच गए थे, जहां से वे पुलिस को साथ लेकर घटनास्थल दमदमा पर पहुंचे। लेकिन तब तक यश की मौत हो चुकी थी और हमलावर भी फरार हो गए थे।
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माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि यश मित्तल (27) आगर रोड कृषि उपज मंडी में श्री महाकाल के नाम से ट्रैक्टर एजेंसी संचालित करता था और ऋषि नगर एक्सटेंशन में रहता था। वह मूल रूप से तराना का रहने वाला था। इस हत्या के बाद विशाल ठाकुर, विजय ठाकुर, सागर और करण निवासी दमदमा क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आयुष, शेनटू और आकाश की तलाश जारी है।
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दादाजी की थी पहली राखी, इसीलिए हो रहा था इंतजार
बताया जाता है कि यश पिता विजय नारायण मित्तल मूल रूप से तराना का रहने वाला था। वैसे तो वह तीन भाई हैं, जिसमें से एक दुबई और दूसरा पुणे में जॉब करता है। लेकिन इस रक्षाबंधन पर पूरे परिवार को यश का इंतजार इसीलिए था, क्योंकि उसके दादाजी की यह पहली राखी थी और इस त्योहार पर यश को राखी बांधने के लिए पूरे परिवार की बहनें रक्षाबंधन पर उसका इंतजार कर रही थीं, लेकिन जब परिवार को उसकी हत्या की जानकारी लगी और खून से लथपथ लाश घर पहुंची तो इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर हर कोई गमगीन हो गया। जैसे-तैसे परिवारजनों ने हिम्मत रखी और यश का अंतिम संस्कार किया गया।
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समय पर मिल जाता तो बच जाती जान
बताया जाता है कि इस घटना के बाद पुलिस और यश के दोस्त उसे लगातार घटनास्थल पर खोजते रहे, लेकिन लगभग 2 से 3 घंटे तक चली इस तलाश के बावजूद भी यश का कोई पता नहीं चल पाया। सुबह लगभग 5 बजे जिला पंचायत की फोटोकॉपी की दुकान के पीछे यश लहूलुहान अवस्था में मिला था। उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। सोर्स बताते हैं कि अगर यश कुछ घंटे पहले मिल जाता और उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वैसे पुलिस इस पूरे मामले में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे पता चल पाए कि आखिर मामूली कहासुनी खूनी वारदात में कैसे बदल गई।
राखी पर भाई का था इंतजार, घर आई खून से लथपथ लाश
