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Ujjain Mahakal: कानों में बाली, नाक में नथनी पहनकर सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में दिए देवी स्वरूप में दर्शन
Sun, 28 Sep 2025 08:00 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 08:00 AM IST
सार
सुबह 4 बजे शुरू हुई आरती में भगवान का पंचामृत व फलों के रस से अभिषेक, विशेष श्रृंगार और रुद्राक्ष-मुंडमाला धारण कराकर भस्म अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर में "जय श्री महाकाल" और "जय माता दी" के जयघोष गूंज उठे।
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देवी स्वरूप में बाबा महाकाल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अश्विन मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर नवरात्रि के दौरान आज रविवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने ईष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन देवी स्वरूप में किए आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए सुबह 4 बजे जागे। आज पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल ओर जय माता दी की गूंज से भी गुंजायमान हो गया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अश्विन माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि वार रविवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
यह भी पढ़ें- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कोर्ट का नोटिस, PM मोदी और स्वामी रामभद्राचार्य पर की थी टिप्पणी
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पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का देवी स्वरूप में शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट के साथ रुद्राक्ष और मुंड माला धारण कराई, जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गयी। आज के शृंगार की विशेषता यह थीं कि आज बाबा महाकाल को देवी स्वरूप में सजाया गया था। जिसके दिव्य दर्शनो का लाभ हजारों भक्तों ने लिया और जय श्री महाकाल का जयघोष भी किया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
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श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अश्विन माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि वार रविवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
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पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का देवी स्वरूप में शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट के साथ रुद्राक्ष और मुंड माला धारण कराई, जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गयी। आज के शृंगार की विशेषता यह थीं कि आज बाबा महाकाल को देवी स्वरूप में सजाया गया था। जिसके दिव्य दर्शनो का लाभ हजारों भक्तों ने लिया और जय श्री महाकाल का जयघोष भी किया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
