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मध्य प्रदेश: कटनी में गर्भवती महिला ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गेट पर बच्चा जना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Sun, 11 Mar 2018 04:08 AM IST
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कटनी के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर प्रसूता की मदद करती महिलाएं
- फोटो : ANI
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के लिए एक शर्मिंदगी भरी घटना पेश आई है। एक गर्भवती महिला को कटनी में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गेट पर बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। गर्भवती महिला ने स्थानीय महिलाओं की मदद से एक बच्चे को जन्म दिया। महिलाओं ने साड़ी से एक घेरा बनाया जिसमें प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया।
मीडिया में खबर आने के बाद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कटनी के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी अशोक अवधिया ने कहा, "एएनएम नर्स ने महिला की पूरी सहायता की। जब गर्भवती महिला केंद्र पर आई तो एएनएम नर्स नजदीक के उप-केंद्र में गई हुई थी।"
मध्य प्रदेश के कटनी में चिकित्सा क्षेत्र में होने वाली लापरवाहियों का यह कोई पहला मामला नहीं है।
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18 जुलाई 2016 में कटनी के जिला अस्पताल के बाहर एक गर्भवती महिला को बच्चे को जन्म देना पड़ा था। उस समय भी मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने साड़ी से घेरा बनाकर एक अस्थाई लेबर रूम बनाया जहां प्रसूता ने एक बच्ची को जन्म दिया था। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
राज्य में चिकित्सा क्षेत्र के खराब बुनियादी ढांचे की कई कहानियां मौजूद हैं।
31 जुलाई 2017 को कटनी जिला में एंबुलेंस नहीं मौजूद रहने की वजह एक नवजात बच्ची ने दम तोड़ दिया था। दिल को तोड़ देनेवाली उस घटना में बरमनी गांव में एंबुलेंस नहीं मिल पाने की वजह से एक गर्भवती महिला नजदीक के गांव बरही के स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए सड़क पर पैदल चली। करीब 20 किलोमीटर दूर चलने के बाद रास्ते में ही उसने एक बच्चे को जन्म दिया जो कुछ देर बाद मर गया।
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मीडिया में खबर आने के बाद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कटनी के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी अशोक अवधिया ने कहा, "एएनएम नर्स ने महिला की पूरी सहायता की। जब गर्भवती महिला केंद्र पर आई तो एएनएम नर्स नजदीक के उप-केंद्र में गई हुई थी।"
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मध्य प्रदेश के कटनी में चिकित्सा क्षेत्र में होने वाली लापरवाहियों का यह कोई पहला मामला नहीं है।
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18 जुलाई 2016 में कटनी के जिला अस्पताल के बाहर एक गर्भवती महिला को बच्चे को जन्म देना पड़ा था। उस समय भी मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने साड़ी से घेरा बनाकर एक अस्थाई लेबर रूम बनाया जहां प्रसूता ने एक बच्ची को जन्म दिया था। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
राज्य में चिकित्सा क्षेत्र के खराब बुनियादी ढांचे की कई कहानियां मौजूद हैं।
31 जुलाई 2017 को कटनी जिला में एंबुलेंस नहीं मौजूद रहने की वजह एक नवजात बच्ची ने दम तोड़ दिया था। दिल को तोड़ देनेवाली उस घटना में बरमनी गांव में एंबुलेंस नहीं मिल पाने की वजह से एक गर्भवती महिला नजदीक के गांव बरही के स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए सड़क पर पैदल चली। करीब 20 किलोमीटर दूर चलने के बाद रास्ते में ही उसने एक बच्चे को जन्म दिया जो कुछ देर बाद मर गया।
