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Madhya Pradesh Election Result: पक्ष में आए रुझान से साध्वी प्रज्ञा के घर जश्न का माहौल
Thu, 23 May 2019 02:29 PM IST
योगेश साहू
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 23 May 2019 02:29 PM IST
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भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर
- फोटो : Social Media
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देश की सबसे हॉट लोकसभा सीट में शामिल भोपाल मतगणना के रुझानों के साथ ही भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के घर जश्न का माहौल है। यहां उनका मुख्य मुकाबला कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के साथ है। हालांकि इस सीट पर प्रदेश में सबसे ज्यादा 30 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां 12 मई को मतदान हुआ था। खास बात ये है कि इस ससंदीय क्षेत्र के इतिहास में सबसे ज्यादा 65.69 फीसदी मतदान हुआ था।
बता दें मतगणना से एक दिन पहले मौन धारण करने वाली प्रज्ञा दो राउंड में लीड लेने के बाद सीहोर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में दर्शन के लिए गईं। उन्होंने अपना मौन व्रत भी खत्म कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सबसे पहले जय श्री राम के नारे लगाए और विक्ट्री साइन भी दिखाया। वे 1 लाख से ज्यादा वोट से आगे चल रही हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह के भाई विधायक लक्ष्मण सिंह भोपाल में ही मतगणना केंद्र पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
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बता दें मतगणना से एक दिन पहले मौन धारण करने वाली प्रज्ञा दो राउंड में लीड लेने के बाद सीहोर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में दर्शन के लिए गईं। उन्होंने अपना मौन व्रत भी खत्म कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सबसे पहले जय श्री राम के नारे लगाए और विक्ट्री साइन भी दिखाया। वे 1 लाख से ज्यादा वोट से आगे चल रही हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह के भाई विधायक लक्ष्मण सिंह भोपाल में ही मतगणना केंद्र पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
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ऐसे चला मतगणना का राउंड
भोपाल में मतगणना के पहले राउंड प्रज्ञा ठाकुर को 41595 और दिग्विजय सिंह को 22089 वोट मिले थे। इसके बाद प्रज्ञा करीब 25 हजार वोटों से आगे रहीं। खास बात ये थी कि डाक से मिले मतपत्रों की गणना में वे आगे निकलीं। इसके बाद जब ईवीएम के मतों की गिनती शुरू हुई तो वोटों का अंतर बढ़ता चला गया।
तीन दशक से भाजपा का कब्जा
भोपाल संसदीय क्षेत्र 1984 से ही भाजपा का गढ़ रहा है। पिछले आठ चुनाव से यहां भाजपा जीती है। 1984 से पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी। पूर्व मुख्य सचिव रहे स्व. सुशीलचंद वर्मा यहां से 4 बार सांसद रहे। बाकी तीन चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्रियों में उमा भारती और कैलाश जोशी जीते। 2014 के चुनाव में आलोक संजर ने कांग्रेस के पीसी शर्मा को 3,70,696 वोटों से हराया था।
भोपाल में मतगणना के पहले राउंड प्रज्ञा ठाकुर को 41595 और दिग्विजय सिंह को 22089 वोट मिले थे। इसके बाद प्रज्ञा करीब 25 हजार वोटों से आगे रहीं। खास बात ये थी कि डाक से मिले मतपत्रों की गणना में वे आगे निकलीं। इसके बाद जब ईवीएम के मतों की गिनती शुरू हुई तो वोटों का अंतर बढ़ता चला गया।
तीन दशक से भाजपा का कब्जा
भोपाल संसदीय क्षेत्र 1984 से ही भाजपा का गढ़ रहा है। पिछले आठ चुनाव से यहां भाजपा जीती है। 1984 से पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी। पूर्व मुख्य सचिव रहे स्व. सुशीलचंद वर्मा यहां से 4 बार सांसद रहे। बाकी तीन चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्रियों में उमा भारती और कैलाश जोशी जीते। 2014 के चुनाव में आलोक संजर ने कांग्रेस के पीसी शर्मा को 3,70,696 वोटों से हराया था।
रिकॉर्ड वोटिंग भी हुई
भोपाल सीट पर 1957 से लेकर अब तक पहली बार 2019 में सबसे ज्यादा 65.69 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2014 के आम चुनाव में यहां 57.79 फीसदी मतदान हुआ था। सिर्फ दो ऐसे मौके हैं, जब मतदान का प्रतिशत 60 से अधिक रहा है। पहली बार 1977 में इमरजेंसी के बाद 61.76% और दूसरी बार 1999 में 61.88 प्रतिशत मतदान हुआ। 1957 में भोपाल में पहला लोकसभा चुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस की मैमुना सुल्तान जीती थीं।
भोपाल सीट पर 1957 से लेकर अब तक पहली बार 2019 में सबसे ज्यादा 65.69 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2014 के आम चुनाव में यहां 57.79 फीसदी मतदान हुआ था। सिर्फ दो ऐसे मौके हैं, जब मतदान का प्रतिशत 60 से अधिक रहा है। पहली बार 1977 में इमरजेंसी के बाद 61.76% और दूसरी बार 1999 में 61.88 प्रतिशत मतदान हुआ। 1957 में भोपाल में पहला लोकसभा चुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस की मैमुना सुल्तान जीती थीं।
मतगणना के रुझान देखने के बाद भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कि निश्चित ही मेरी जीत होगी। मेरी विजय में धर्म की विजय होगी, अधर्म का नाश होगा। मैं भोपाल की जनता का आभार देती हूं।
BJP Bhopal candidate Pragya Singh Thakur on trends showing she is leading: Nischit meri vijay hogi, meri vijay mein dharm ki vijay hogi, adharm ka naash hoga. Mein Bhopal ki janta ka aabhaar deti hun. pic.twitter.com/d2zZ0LPptQ
— ANI (@ANI) May 23, 2019
