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सागर जहरीली शराब कांड: 11 लोगों के मौत की हुई पुष्टि, 20 लोगों पर मामला हुआ दर्ज; आबकारी विभाग पर भी एक्शन
सागर जहरीली शराब कांड: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हड़कंप मच गया है। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोगों का इलाज चल रहा है।
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जहरीली शराब से बीमार लोगों की संख्या जारी
बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से बीमार और इलाजरत लोगों की संख्या प्रशासन ने जारी कर दी है। हालांकि, मृतकों के संबंध में प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। प्रशासन के अनुसार, कुल 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाजरत हैं। वहीं, 17 मरीजों का जिला चिकित्सालय में और 7 मरीजों का बंडा सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।
गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया
सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम बमूरा मेडा में जहरीली शराब के सेवन से गंभीर रूप से बीमार हुए एक मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल स्थित एम्स भेजा गया है। ग्राम बमूरा मेडा निवासी रामप्रसाद, पिता गोविंद लोधी, ने कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। स्थानीय स्तर पर उपचार के बावजूद उनकी हालत नाजुक बनी रही। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल व्यवस्था करते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स रेफर किया।
एसीएस दीपाली रस्तोगी ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश
बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली एवं अवैध शराब के सेवन से प्रभावित मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य दीपाली रस्तोगी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने उपचाररत मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर स्वास्थ्य की स्थिति और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।
बीएमसी के निरीक्षण के दौरान एसीएस रस्तोगी गहन परीक्षण कक्ष में पहुंचीं और उपचाररत मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मरीजों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संभागायुक्त अनिल सुचारी और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल से घटनाक्रम तथा मरीजों के उपचार की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
दो और पर कार्रवाई
सागर में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत के मामले में गुगरा चौकी प्रभारी पूरण लाडिया तथा बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को निलंबित कर दिया गया है।आबकारी विभाग पर गिरी गाज
निलंबित अधिकारियों में सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती शामिल हैं। नकली शराब पीने से हुई 10 लोगों की मौत के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
सागर जहरीली शराब कांड: पीसी शर्मा ने ठोस कार्रवाई की मांग उठाई
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शराबबंदी को लेकर कहा कि जहरीली शराब की वजह से इन लोगों की जान गई है। कई लोग अस्पताल में भी भर्ती हैं। इससे पहले गुजरात में भी जहरीली शराब की वजह से लोगों की जान गई थी जिसका अपराधी मध्य प्रदेश से पकड़ा गया था। इसका अर्थ ये है कि इसका स्रोत मध्य प्रदेश है। पहले तो पूरी तरह से शराब को बंद करना चाहिए क्योंकि लोगों की जान जा रही है लेकिन जिन लोगों ने ऐसा किया है कहीं न कहीं सरकार से उनके सूत्र जुड़े होंगे, जिसकी वजह से ये लोग ऐसा काम करते हैं। उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।#WATCH | भोपाल, मध्य प्रदेश: सागर में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों पर कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा, "जहरीली शराब की वजह से इन लोगों की जान गई है। कई लोग अस्पताल में भी भर्ती हैं। इससे पहले गुजरात में भी जहरीली शराब की वजह से लोगों की जान गई थी जिसका अपराधी मध्य… pic.twitter.com/esPCItqrUa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 6, 2026
सागर जहरीली शराब कांड: पूर्व मंत्री ने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए
कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज ने सरकार से इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को मृतकों के आश्रितों को तुरंत 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए।सागर जहरीली शराब कांड: पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने सागर में हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत और 10 लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि-अवैध जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। सभी मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ का उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए व गंभीर रूप से बीमार सभी लोगों का निःशुल्क एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहरीली शराब के कारोबार में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध हत्या सहित कठोरतम कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत और 10 लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर बेहद दुखद एवं चिंताजनक है।
— Jaivardhan Singh (@JVSinghINC) September 6, 2026
हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि—अवैध जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस… pic.twitter.com/8v5sDGnOCR
सागर जहरीली शराब कांड: पुलिस नेे 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन सामने आया है। जांच के मुताबिक, नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और QR कोड लगाकर उसे सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था। जिला कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है, जबकि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर स्थानीय नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।सागर जहरीली शराब कांड: सागर-छतरपुर हाईवे पर चक्काजाम
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सागर-छतरपुर मुख्य हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक लापरवाही और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मौतों का आंकड़ा 14 से 15 तक पहुंच चुका है, लेकिन प्रशासन मामले को दबाने और असली आंकड़े छुपाने का प्रयास कर रहा है। नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का अवैध शराब का कारोबार संभव नहीं है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रशासनिक रुख और जांच के आदेश
मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास शुरू किया। जिला प्रशासन के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। मौतों की वास्तविक वजहों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य और आबकारी विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
