{"_id":"5f6f5b1f0ca886453d091bd7","slug":"madhya-pradesh-high-court-ordered-for-sticking-fee-list-of-covid19-treatment-in-every-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना उपचार की शुल्क सूची अस्पतालों के रिसेप्शन पर चस्पा हो: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना उपचार की शुल्क सूची अस्पतालों के रिसेप्शन पर चस्पा हो: हाईकोर्ट
Sat, 26 Sep 2020 09:09 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, जबलपुर
पीटीआई, जबलपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 26 Sep 2020 09:09 PM IST
विज्ञापन
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कोरोना मरीजों का उपचार कर रहे अस्पतालों के रिसेप्शन पर उपचार शुल्क सूची लगाए जाने के पूर्व में दिए गए अपने आदेश के अनुपालन के संबंध में प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
मामले में कोर्ट मित्र अधिवक्ता नमन नागरथ ने शनिवार को जानकारी दी कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय यादव तथा न्यायाधीश बी के श्रीवास्तव की युगल पीठ ने बुधवार को यह निर्देश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रदेश के शाजापुर जिले स्थित एक निजी अस्पताल के प्रबंधन ने बिल का भुगतान नहीं होने पर एक वृद्ध मरीज को बिस्तर से बांधकर रखा हुआ था। इस संबंध में अखबारों में फोटो सहित समाचार प्रकाशित हुए थे।
विज्ञापन
इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने 11 जून को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को पत्र लिखा। जिसमें कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के महासचिव डॉ. अश्वनी कुमार द्वारा उक्त घटना का उल्लेख करते हुए शीर्ष न्यायालय को आठ जुलाई को एक पत्र लिखा था। जिसमें उक्त घटना को मानव अधिकारों का उल्लंघन बताया गया था।
युगल पीठ ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि कोविड- 19 मरीजों के उपचार से संबंधित शुल्क सूची अस्पतालों के रिसेप्शन में चस्पा की जाए। निर्धारित से अधिक राशि लेने पर पीड़ित पक्ष जिला प्रशासन तथा उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर शिकायत कर सकता है।
