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Jabalpur News: सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए 65 कॉलेज, छात्रों को किया जाए परीक्षा में शामिल

Mon, 29 Jul 2024 09:53 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 29 Jul 2024 09:53 PM IST
सार

सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए 65 कॉलेजों के छात्रों को एनरोलमेंट जारी करते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल करने के आदेश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी तथा जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने जांच में पात्र पाए गए सरकारी कॉलेज में छात्रों को शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं।

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Jabalpur 65 colleges found ineligible in CBI investigation students should be allowed to appear examination
हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की तरफ से प्रदेश में संचालित फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को संचालन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदेश के सभी नर्सिंग कॉलेजों की जांच करने के आदेश सीबीआई को दिए थे। सीबीआई की तरफ से 308 कॉलेज की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की गई थी।

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सीबीआई ने बताया था कि सर्वोच्च न्यायालय ने 56 कॉलेजों की जांच पर स्थगन आदेश जारी किए है। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया था कि सीबीआई ने सिर्फ डिग्री नर्सिंग कॉलेजों की जांच की है। डिप्लोमा नर्सिंग कॉलेजों की जांच नहीं की गई है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को डिप्लोमा नर्सिंग कॉलेजों की जांच के आदेश जारी किए थे।
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सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में संचालित 169 नर्सिंग कालेज पात्र पाए गए हैं। जबकि 74 नर्सिंग कालेज ऐसे पाए गए जो मानकों को तो पूरा नहीं करते हैं। किंतु उनमें ऐसी अनियमितताएं हैं, जिन्हें सुधारा जा सकता है तथा 65 कॉलेज आयोग्य पाये गये हैं। युगलपीठ ने अपने आदेश में अपात्र पाए गए कॉलेजों को किसी भी प्रकार की राहत देने से इंकार कर दिया।
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इसके अलावा युगलपीठ ने अपने आदेश में मानक पूरा नहीं करने वाले कॉलेजों की खामियां दूर करने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस आरके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। रिपोर्ट के आधार पर खामियां दूर नहीं करने वाले कॉलेजों पर राज्य सरकार कार्यवाही करेगी। हाईकोर्ट ने कॉलेजों को मान्यता देने के लिए निरीक्षण करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा के निर्देश भी कमेटी को दिये गये थे।


पूर्व में हुई याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पात्र पाये गये कॉलेज की पुनः जांच न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में करने के आदेश सीबीआई को जारी किये थे। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेज की मान्यता संबंधित नये नियम सरकार के द्वारा वापस लिए थे। अपात्र कॉलेज के छात्रों की तरफ से दायर की गयी याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की। 

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