{"_id":"6465fcf40039fe894b0bbd4f","slug":"jabalpur-life-sentence-in-murder-case-upheld-appeal-dismissed-in-high-court-2023-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा बरकरार, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा बरकरार, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील
Thu, 18 May 2023 03:55 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 18 May 2023 03:55 PM IST
सार
हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ अल्ताफ अहमद अंसारी की तरफ से उक्त अपील दायर की गई थी। अपील में कहा गया था कि सुनवाई के दौरान अधिकांश गवाह मुकर गए थे। जिन्होंने अभियोजन के पक्ष में गवाही दी, वे प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं थे।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि काननू में सबूत की गुणवत्ता मायने रखती है, उनकी मात्रता नहीं। युगलपीठ ने सजा को उचित करार देते हुए अपील को खारिज कर दिया।
बता दें कि हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ अल्ताफ अहमद अंसारी की तरफ से उक्त अपील दायर की गई थी। अपील में कहा गया था कि उस पर आरोप था कि जनवरी 2012 में घर में घुसकर उसने अपनी महिला रिश्तेदार की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर वह भाग रहा था तो लोगों ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान उसने धारदार हथियार से लोगों पर भी हमला किया था। घायल महिला को पहले उपचार के लिए सिहोरा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया था, परंतु रास्ते में उसकी मौत हो गई।
अपील में कहा गया था कि सुनवाई के दौरान अधिकांश गवाह मुकर गए थे। जिन्होंने अभियोजन के पक्ष में गवाही दी, वे प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं थे। अपील की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि एफएसएल तथा डीएनए रिपोर्ट अभियुक्त के खिलाफ है। इसके अलावा अभियुक्त से जप्त शर्ट के दो बटन भी घटनास्थल में मिले थे। युगलपीठ ने निचली अदालत के फैसले को सही बताते हुए अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ अल्ताफ अहमद अंसारी की तरफ से उक्त अपील दायर की गई थी। अपील में कहा गया था कि उस पर आरोप था कि जनवरी 2012 में घर में घुसकर उसने अपनी महिला रिश्तेदार की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर वह भाग रहा था तो लोगों ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान उसने धारदार हथियार से लोगों पर भी हमला किया था। घायल महिला को पहले उपचार के लिए सिहोरा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया था, परंतु रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
अपील में कहा गया था कि सुनवाई के दौरान अधिकांश गवाह मुकर गए थे। जिन्होंने अभियोजन के पक्ष में गवाही दी, वे प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं थे। अपील की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि एफएसएल तथा डीएनए रिपोर्ट अभियुक्त के खिलाफ है। इसके अलावा अभियुक्त से जप्त शर्ट के दो बटन भी घटनास्थल में मिले थे। युगलपीठ ने निचली अदालत के फैसले को सही बताते हुए अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
