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MP News: भ्रूण के हृदय की धड़कन रोकने से हाईकोर्ट का इंकार, दुष्कर्म पीड़िता की गर्भावस्था 31 सप्ताह से अधिक

Wed, 03 Jun 2026 11:55 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 03 Jun 2026 11:55 AM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की 31 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था होने के कारण गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया। मेडिकल बोर्ड ने गर्भ को जीवित और व्यवहार्य बताया। अदालत ने कहा कि इस चरण में गर्भपात संभव नहीं है। बच्चे के जन्म पर उसकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। 

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High Court refuses to stop foetal heartbeat
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भावस्था 31 सप्ताह से अधिक होने के कारण गर्भपात की अनुमति देने से इंकार कर दिया।

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बता दें कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति के लिए मंडला जिला न्यायालय द्वारा भेजे गए प्रकरण की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में हाईकोर्ट कर रहा था। पीड़िता की उम्र 15 साल 10 माह है और मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद एकलपीठ ने पाया कि 27 अप्रैल 2026 की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की गर्भावस्था 26 हफ़्ते और 5 दिन थी। मेडिकल जांच को हुए 32 दिनों से अधिक का समय हो गया है। वर्तमान में उसकी गर्भावस्था 31 सप्ताह से अधिक है। उसका हीमोग्लोबिन 7.5 है। मेडिकल बोर्ड की राय के अनुसार भ्रूण जीवित है और यह एक व्यवहार्य गर्भावस्था है। इस चरण में गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करना संभव नहीं है।


ये भी पढ़ें- पांच दिन में गर्भावस्था समाप्त कर DNA रखें सुरक्षित, दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग के मामले में HC के आदेश
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एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता भी नहीं चाहती थी कि यह न्यायालय ऐसा कोई निर्देश जारी करे। सुनवाई के दौरान उसने न्यायालय को इस बारे में सूचित किया था। दिल की धड़कन रोकने का निर्देश न होने की स्थिति में जीवित भ्रूण को जीवन भर शारीरिक और मानसिक विकलांगता का गंभीर खतरा बना रहेगा। मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टें अपने आप में सब कुछ स्पष्ट कर देती हैं। बच्चे का जन्म जीवित अवस्था में होता है, तो राज्य उस बच्चे की पूरी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। 

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