Rain in Indore: इंदौर में शाम को फिर हुई तेज बारिश, दस साल में दूसरी बार मई मेें भीगा शहर
इंदौर में इस बार मई का मौसम कुछ अलग ही मिजाज में है। शनिवार को एक बार फिर तेज बारिश ने लोगों को चौंका दिया। कई जगह तेज हवा से टेंट उखड़ गए। कई जगह लाइट भी गुल होती रही। 2013 के बाद दूसरी बार है, जब मई में शहर भीग रहा हो।
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इंदौर में बेसौम बारिश नए नए रिकार्ड बना रही है। अप्रैल में सवा सौ साल में दूसरी बार इंदौर में सबसे ज्यादा बारिश का रिकार्ड बना तो मई मेें भी दस साल में दूसरी बार 10 मिली मीटर से ज्यादा बारिश हुई। शहर के कुछ हिस्सों में तो शुक्रवार को बूंदा-बांदी हुई थी,लेकिन एयरपोर्ट क्षेत्र में डेढ़ घंटे में 18.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। इससे पहले 2021 में भी 15 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई। इससे पहले वर्ष 2013 मेें 11.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम मेें उतार-चढ़ाव बनाा रहेगा। शहर में दो-तीन दिन बादल छाए रहेंगे और उमस भी शहरवासियों को परेशान करेगी। 22 मई के बाद शहर में गर्मी और बढ़ सकती है।
इंदौर में जोरदार बारिश, तेज हवा चली
इंदौर में शनिवार को मौसम फिर बदल गया। तेज हवा के साथ झमाझम बारिश ने शहरवासियों को चौंका दिया। शाम 7 बजे पहले बूंदाबांदी से शुरुआत हुई फिर अचानक तेज हवा चलने लगी और बारिश का तेज दौर भी शुरू हो गया। आधे घंटे तक हुई एक जैसी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में कई जगह शनि जयंती के दूसरे दिन शनिवार को भंडारे रखे गए थे। वहां बारिश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया। कुछ जगह टेंट तंबू उखड़ गए। तेज हवाओं के साथ बिजली भी बार-बार कड़कती रही।
कई इलाकों की बिजली गुल
बारिश शुरू होने के साथ ही बिजली के आने-जाने का दौर भी जारी रहा। कई इलाके तो ऐसे थे जहां बिजली 2 से 3 घंटे तक गुल रही। बाणगंगा, श्रमिक क्षेत्र, नाथ मंदिर रोड, अन्नपूर्णा, कालानी नगर, वैभव नगर सहित कई इलाकों में बिजली गुल रही। बारिश बंद होने के बाद फिर उमस ने लोगो को परेशान कर दिया। बिजली गुल होने के कारण लोग पसीना-पसीना होते रहे। बिजली कंपनी के कॉल सेंटर पर भी कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा था।
सामान्य से दो डिग्री रहा तापमान
बारिश के बाद तापमान मेें भी गिरावट दर्ज हुई दिन का तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से दो डिग्री कम था,जबकि शुक्रवार-शनिवार की रात का तापमान 24.4डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से एक डिग्री कम था। हवा की गति भी आम दिनों से ज्यादा थी।
मई में सबसे ज्यादा रहता है तापमान
गर्मी के तेेवर मई मेें सबसे ज्यादा मई मेें रहते है और पारे की बढ़त के नए रिकार्ड बनते है। इंदौर में 31 मई 1994 को 46 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। मई में सबसे ज्यादा बारिश का रिकार्ड 29 मई 1886 का है। तब 99.1 मिमी बारिश हुई थी।
क्या कहती है वेदर रिपोर्ट
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के शहडोल, सागर एवं इंदौर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। इंदौर में दो सेमी तक पानी गिरा है। अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि बैतूल, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें हो सकती हैं। विभाग ने यलो अलर्ट भी दिया है। तूल, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। अगले 48 घंटों के तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि संभावित है।
25 मई से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। हवाओं का रुख भी पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में बिहार से लेकर तेलंगाना तक एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ से गुजर रही है। हवा का रुख पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही द्रोणिका लाइन के असर से पूर्व मध्य प्रदेश के शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में कुछ नमी आ रही है। इस वजह से वहां कुछ बादल बने हैं। साथ ही कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने के भी आसार हैं। उधर अरब सागर से भी कुछ नमी आने के कारण राजधानी सहित कुछ जिलों में आंशिक बादल बने हैं। 24 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। उसके असर से 25 मई से मौसम का मिजाज बदल सकता है। बादल छाने के साथ मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर वर्षा भी होने के आसार हैं।
